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Jhansi: जू मौर धरैं गंगाधर राजा, बनीं दुलइया रानी जू, धूमधाम से मनाई गई रानी की शादी की 184वीं वर्षगांठ

Wed, 20 May 2026 01:31 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से परंपरागत तरीके से बरात निकाली गई। गाजे-बाजे और बुंदेली वाद्यों के साथ निकली बरात में गाते-नाचते लोगों का हुजूम शामिल था। प्राचीन गणेश मंदिर पहुंचने पर यहां विवाह की प्रतीकात्मक रस्में भी कराई गईं।
 
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गाजे-बाजे और बुंदेली वाद्यों के साथ निकली बरात। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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वीरांगना लक्ष्मीबाई और महाराजा गंगाधर राव की शादी की 184वीं वर्षगांठ धूमधाम से झांसी वालों ने मनाई। लोगों में इसको लेकर काफी उत्साह नजर आया। छात्राएं महारानी के वेश में पहुंची थीं। मंगलवार शाम को लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से परंपरागत तरीके से बरात निकाली गई। गाजे-बाजे और बुंदेली वाद्यों के साथ निकली बरात में गाते-नाचते लोगों का हुजूम शामिल था। प्राचीन गणेश मंदिर पहुंचने पर यहां विवाह की प्रतीकात्मक रस्में भी कराई गईं।
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शाम करीब पांच बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद मराठी परंपरा के साथ राजा श्रीमंत गंगाधर राव के स्वरूप को महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी सचिव गजानन खानवलकर एवं उज्ज्वल देवधर ने राजसी पगड़ी पहनाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महिलाओं ने आरती एवं तिलक किया। उनके बग्घी में सवार होने के बाद राजसी ठाट-बाट के साथ बरात निकली। राजा एवं रानी के जयकारे करते हुए बराती गणेश मंदिर की ओर चल पड़े। रास्ते भर महिलाएं एवं पुरुष विवाह गीतों पर नाचते-गाते चल रहे थे। बरात के साथ बग्घी एवं घोडों पर राजा मर्दन सिंह, दतिया नरेश, सुंदर-मुंदर के स्वरूप भी शामिल थे। बरात पंचकुइया चौराहा, कोतवाली, सिंधी चौराहा, मानिक चौक, सर्राफा बाजार, गंधीगर का टपरा होते प्राचीन गणेश मंदिर पहुंची। यहीं महारानी लक्ष्मीबाई का विवाह हुआ था। बरात के पहुंचने पर घराती पक्ष ने पुष्प वर्षा करके बरातियों का स्वागत किया।

 

शोभायात्रा में शामिल महिलाएं डांस करती हुई। - फोटो : संवाद
जगह-जगह बरात पर हुई पुष्प वर्षा
बरात के स्वागत में जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई। खंडेराव गेट, पंचकुइया तिराहे, सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार समेत कई जगहों पर लोगों ने स्टॉल लगाए थे। बरात पहुंचने पर पुष्प बरसाने के साथ बरातियों को शरबत दिया गया। बरात के साथ विधायक रवि शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, एडीएम अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, रजनी अग्वेकर, प्रीति नेवालकर, मनीषा खानवलकर, माला मेहरोत्रा, पीयूष रावत, अरविंद ओझा, अरविंद झा, संतोष साहू, शिवांशु श्रीवास्तव, संजय राष्ट्रवादी, रवीश त्रिपाठी, राम किशन निरंजन, पुरुषोत्तम स्वामी, अतुल किलपन, नरोत्तम अग्रवाल, मिलिंद देसाई, मुकेश अग्रवाल, योगेंद्र सिंह, राघव इंदापुरकर, मनमोहन मनु, सुदर्शन शिवहरे समेत बड़ी संख्या में गणमान्य जन मौजूद रहे।

 

शोभायात्रा में शामिल बच्चे। - फोटो : संवाद
एनसीसी के बैंड ने बांधा समां
बरात के साथ कई विद्यालयों के विद्यार्थी भी शामिल थे। इनमें महारानी लक्ष्मीबाई जूनियर हाईस्कूल एवं महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कालेज का बैंड घोष भी शामिल था। विद्यालय के एनसीसी छात्रों का बैंड भी बेहतरीन तालमेल के साथ धुन बजा रहा था। इसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। समाजसेवी संगठन के पदाधिकारियों ने भी उनका उत्साह बढ़ाया।


 
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एलवीएम से गणेश मंदिर जाती शोभायात्रा। - फोटो : संवाद
मराठी मंगलगीतों के बीच गणेश मंदिर में हुई सप्तपदी
जिस प्राचीन गणेश मंदिर में महारानी लक्ष्मीबाई के फेरे हुए थे, उसे भी सुंदर तरीके से सजाया गया था। मंदिर के बाहर फूलों से सजावट की गई थी, जबकि अंदर बिजली की झालरें लगाई गई थीं। विवाह स्थल को भी फूलों से सजाया गया था। मंडल स्थल में मराठी छटा दिख रही थी। बरात के पहुंचने पर पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया। पूरे राजसी वैभव के साथ राजा गंगाधर राव को मंदिर के अंदर ले जाया गया। राजा और रानी के स्वरूप को मंच पर बैठाया गया। यहां झांसी वासियों ने परंपरा के अनुसार उनको उपहार भेंट किए। विवाह के मंगलमय गीत गाये गए। राजा गंगाधर राव एवं रानी लक्ष्मीबाई के जयकारे लगाए गए। गणेश संगीत विद्यालय के बच्चों ने मनमोहक संगीत एवं कत्थक की प्रस्तुति दी।

शोभायात्रा का वीडियो...
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