पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य
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बिजली कटौती के मुद्दे पर सड़क जाम करने के मामले में 12 सितंबर को पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रदीप जैन सहित 13 नामजदों को सजा सुनाई गई थी। इसमें राहत के लिए एडीजे प्रथम सुनील यादव की कोर्ट में अपील दाखिल की गई। कोर्ट ने बुधवार को अपील स्वीकार कर ली। अधिवक्ता की ओर से दिए गए तर्क के आधार पर पूर्व मंत्री समेत सभी नामजदों की सजा पर स्टे और जुर्माना राशि भी आधी कर दी गई। इसके अलावा, उनके भतीजे सौरभ जैन को सुनाई गई एक साल की नेकचलनी की सजा पर भी स्टे दे दिया गया। अगली सुनवाई इसी महीने 31 तारीख को होगी।
2013 में प्रदीप जैन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री थे। 11 जून 2013 को बिजली कटौती की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने धरना- प्रदर्शन की अनुमति लेकर पारीछा थर्मल पावर के गेट पर प्रदर्शन किया था। पारीछा ओवरब्रिज के पास कानपुर-झांसी हाईवे पर जाम लग गया था।। इस मामले में थाना बड़ागांव में पूर्व मंत्री समेत 13 के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मामले में 12 सितंबर 2025 को एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सप्तम ने सभी को सजा सुनाई थी। अदालत ने सभी को एक माह में अपील दायर करने का समय दिया था। बुधवार को इस अपील पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में अधिवक्ता ने पक्षा रखा कि प्रशासन से अनुमति और जनहित में बिजली आपूर्ति की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट से सभी को राहत मिली।
इनको हुई थी सजा
प्रदीप जैन आदित्य, रजनीश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, राहुल राय, नावेद खान, सादाब अहमद, राहुल गुप्ता, नरेश चंद्र विलाहरिया, सलमान अहमद, सुहैल जैन, हरीश कपूर उर्फ टीटू, शेरखान और मनोज कुमार को दो-दो वर्ष का कारावास और एक-एक हजार का जुर्माना लगाया गया था।