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Jhansi: सौ साल पुराने मंदिर में मेटल डिटेक्टर से दफीना खोज रहे महिला समेत पांच पकड़े, देर-रात तक हुआ हंगामा

Thu, 17 Sep 2026 08:16 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

पकड़े गए लोगों ने पहले अशोक कुमार पांडेय के यहां त्रयोदशी संस्कार में शामिल होने का बहाना बनाया। छानबीन में यह बात गलत निकली और उन्होंने धन खोजने की बात स्वीकार की।
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मंदिर के बाहर खड़े ग्रामीण। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के रुद्र करारी बिल्टा गांव में मंगलवार आधी रात के बाद दफीना तलाशने के लिए दो कारों से बारह लोगों की टीम पहुंची। वे खाती बाबा मंदिर के पास मेटल डिटेक्टर और पावर लैंप के सहारे खोदाई कर रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।
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पुलिस के पहुंचने पर कुछ लोग अपनी कारों सहित भाग निकले। हालांकि, एक महिला सहित पांच लोगों को घेरकर पकड़ लिया गया। उनके पास से कुल्हाड़ी समेत कई वस्तुएं बरामद हुईं। ग्राम प्रधान बादाम सिंह राजपूत ने बताया कि मंदिर करीब सौ साल पुराना है। कुंवरपाल राजपूत ने आधी रात को लोगों को खोदाई करते देखा था। पकड़े गए लोगों ने पहले अशोक कुमार पांडेय के यहां त्रयोदशी संस्कार में शामिल होने का बहाना बनाया। छानबीन में यह बात गलत निकली और उन्होंने धन खोजने की बात स्वीकार की। थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के अनुसार, सभी को सीपरी बाजार थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।


दफीना खोजने वालों के शिकार किले
बुंदेलखंड के किले दफीना खोजने वालों के सबसे अधिक शिकार हुए हैं। निवाड़ी स्थित गढ़ कुंडार किले में जगह-जगह खोदाई के निशान दिखते हैं। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खजाने की तलाश में लोग यहां गुपचुप तरीके से आते हैं। झांसी में भी कई गढ़ी और किलों को दफीना खोजने के चक्कर में नुकसान पहुंचाया गया है। रक्सा के पुनावली गांव में हर साल दिवाली पर दफीना खोजने वालों का मजमा जुटता है।
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खाती बाबा मंदिर और खजाने की खोज
खजाने की खोज करने वालों का मानना है कि खाती बाबा मंदिर के आसपास सोना और चांदी दबा होता है। रुद्र करारी गांव के खाती बाबा मंदिर के बाहर सांप की बांबी भी थी। पकड़े गए पांच लोगों में एक सपेरा भी शामिल था, जो जहरीले सांपों से निपटने के लिए साथ था। पिछले एक साल में जमीन में गड़ा धन भी मिला है। 2 जुलाई 2026 को चिरगांव में जैन मंदिर के पास और जनवरी महीने में रक्सा के शिव मंदिर में पुराने सिक्के मिले थे।

यह बोले पुरातत्व अधिकारी
किले समेत पुराने मंदिरों में खजाना दबा होने की बात पर विश्वास करके अक्सर यहां ऐसे लोग पहुंचते हैं, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। किसी भी किले एवं मंदिर में खजाना दबा नहीं है। इनको नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। राजीव कुमार त्रिवेदी, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी
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