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झांसी अग्निकांड: रात-दिन बेटे को ढूंढते रहे कुलदीप और नीलू, 17 घंटे बाद एक निजी अस्पताल में मिला नवजात शिशु

Sat, 16 Nov 2024 10:56 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में हुए हादसे के बाद गायब हुआ एक नवजात परिजनों को 17 घंटे बाद मिला। परिजन शुक्रवार की पूरी रात और शनिवार को दिन भर तलाशते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
 
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17 घंटे बाद कुलदीप और नीलू का बेटा मिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में हुए हादसे के बाद गायब हुए एक नवजात को उसके परिजन शुक्रवार की पूरी रात और शनिवार को दिन भर तलाशते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। 17 घंटे बाद नवजात एक निजी अस्पताल में मिला, जहां उसका इलाज जारी था। 

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महोबा के ककरबई थाना इलाके के ग्राम परसा निवासी कुलदीप और नीलू की शादी दो साल पहले हुई थी। नौ नवंबर को ककरबई में नीलू ने एक बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही बेटे की तबीयत ठीक नहीं थी। जांच में उसके खून में इन्फेक्शन पाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे वहां से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) में उसका इलाज जारी था।

शुक्रवार की रात नवजात की मां और दादी वार्ड के बाहर बैठी हुईं थीं, जबकि पिता मेडिकल कॉलेज से बाहर गया हुआ था। इसी दरमियान वार्ड में आग लग गई, जिससे अफरातफरी मच गई। परिजन बच्चे को बचाने के लिए वार्ड की ओर दौड़े, लेकिन तब तक उसे वहां से निकाला जा चुका था। इसके बाद से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ था। वह बच्चे की तलाश में मेडिकल कॉलेज में रात-दिन भटकते रहे। हर किसी से वह बच्चे का पता लगाने की गुहार लगा रहे थे।
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शनिवार की शाम तकरीबन दो बजे वह एडीएम वरुण पांडेय से मिले। एडीएम उन्हें अपने साथ मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हादसे के बाद दो बच्चों को भर्ती कराया गया था। यहां पहुंचते ही परिजन ने बच्चे को तुरंत पहचान लिया। अस्पताल में बच्चे का इलाज जारी था और उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद परिजन की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मां-दादी खुशी में आपस में लिपट कर रो पड़ीं। उन्होंने अफसरों का भी आभार जताया।

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