लहसुन व प्याज की खेती करने पर किसानों को इस साल 75 फीसदी तक अनुदान मिलेगा। खेती के लिए जनपद को लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, वहीं सरकार ने पिछले साल के मुकाबले इस साल लक्ष्य बढ़ाया है। जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा सके।
औद्यानिक विकास योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों के लिए लक्ष्य आवंटित हुआ है। लहसुन की खेती करने पर प्रति हेक्टेयर एक लाख का खर्च आएगा। कुल लागत का 75 फीसदी यानी 75 हजार रुपये का अनुदान किसानों को उद्यान विभाग देगा। प्याज की बुआई करने पर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का खर्च आएगा। कुल लागत का 75 फीसदी यानी 37,500 रुपये अनुदान मिलेगा। जनपद को कुल 19 हेक्टेयर का लक्ष्य विभाग को मिला है। जिसमें चार हेक्टेयर में लहसुन व 15 हेक्टेयर में प्याज की खेती का लक्ष्य है। इस योजना के तहत जनपद के 62 किसानों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
वेबसाइट पर करें आवेदन
झांसी। योजना के लाभ पाने के लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-अभिलेख, जाति प्रमाण पत्र, फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण की पावती आदि विभाग के कार्यालय में जमा करना होगी। इसके सत्यापन के बाद ही उन्हें लाभ मिलेगा।
ऐसे करें आववेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान साथी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यही नहीं वह अपने नजदीकी ई-मित्र या जन सुविधा केंद्र से भी फॉर्म भर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी या फिर कृषि विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर प्याज और लहसुन की उपलब्धता हो, इसके लिए सरकार ने योजना को लागू किया है। अभी तक जनपद के कुछ किसान ही इसकी खेती करते हैं। वह भी अपने उपयोग के लिए। यही कारण है कि प्याज-लहसुन के दाम में उतार-चढ़ाव आता है। लहसुन व प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने योजना शुरू की है।
प्रशांत सिंह, जिला उद्यान अधिकारी