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Jhansi: फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के खेल का भंडाफोड़, एडी हेल्थ ने सीएमओ को जांच कर दिए कार्रवाई के निर्देश

Fri, 07 Aug 2026 05:53 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

डॉ. सुशील का कहना है कि कोविड में भी फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का मामला आया था। तत्कालीन सीएमओ से शिकायती की थी, जिन्होंने मिलीभगत के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
 
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जिला अस्पताल, झांसी - फोटो : संवाद
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डॉ. सुशील का कहना है कि कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाए जाने की शिकायत तत्कालीन सीएमओ से की थी, लेकिन आरोप है कि उस समय मामला दबा दिया गया और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 


शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीएमओ कार्यालय में तैनात राकेश कुमार प्रतिदिन जिला अस्पताल में घूमकर दलाली करता है। डॉ. सुशील का दावा है कि उसका प्रभाव इतना अधिक है कि अधिकारी भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने से बचते हैं।

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रक्सा निवासी रामनारायण वाल्मीकि ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि धर्मेंद्र कुमार के नाम फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सुविधा शुल्क लिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि धर्मेंद्र कभी गंभीर रूप से बीमार नहीं रहा, इसके बावजूद उसके नाम मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया।
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किसी डॉक्टर के नाम की मुहर के साथ अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया जाना गंभीर अनियमितता है। सीएमओ को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. आरके सोनी, एडी हेल्थ


मामले की जानकारी देते डॉ. सुशील कुमार गुप्ता...




बीमा, छुट्टी, नौकरी आदि के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट हमेशा सरकारी या अधिकृत चिकित्सक से ही बनवाएं।

किसी दलाल या बिचौलिए के माध्यम से मेडिकल सर्टिफिकेट न बनवाएं।
फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का उपयोग करना या बनवाना अपराध है।

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