स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे जा रहे बिजली के बिलों में गड़बड़ी सामने आ रही है। जब वह जमा करने पहुंच रहे हैं तो उनकी धनराशि मैसेज में आए बिल से कम बता रही है। उपभोक्ता कार्यालयों में शिकायत कर रहे हैं।
पूर्व में मीटर रीडर के माध्यम से घरों पर बिल मुहैया कराने की व्यवस्था थी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद इसमें बदलाव कर दिया गया। अब उपभोक्ताओं को मोबाइल पर मैसेज के जरिये बिल भेजा जा रहा है। जहां कई उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बिल का मैसेज ही नहीं आ रहा है, वहीं कई मामलों में कम खपत के बावजूद ज्यादा बिल और किसी का बिल किसी और को भेजे जाने की शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ता कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
केस-1
हीगन कटरा निवासी उपभोक्ता रामेंद्र ने बताया कि अक्तूबर का बिल 5,867.15 रुपये आया। वह बिल जमा करने पहुंचा तो साइबर कैफे पर 4067 रुपये बताया गया। उसे गलत मैसेज भेजकर गुमराह किया गया।
केस-2
सीपरी बाजार निवासी देवेंद्र ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उस तीन माह से बिल नहीं मिला है। वह परेशान है, कार्यालय के चक्कर काट रहा है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।
केस-3
नई बस्ती क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके मोबाइल पर बिजली बिल का जो मैसेज मिला, वह अधिक राशि का था। जांच कराई गई तो वह किसी और के नाम का खुला। इससे वह परेशान रहे।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल अधिक आने की शिकायतें
सामान्य मीटरों में बिल काफी कम आता था, लेकिन अब स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद बिल अधिक आ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वह पहले की तरह ही उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन बिल अधिक क्यों आ रहा है, यह समझ से परे है। वह बिल में सुधार के लिए कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।
झांसी विद्युत वितरण मंडल नगर के अधीक्षण अभियंता चंद्रजीत प्रसाद का कहना है कि अब बिजली बिल मोबाइल पर मैसेज के जरिये भेजा जा रहा है। जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनकी जांच कराकर निस्तारण कराया जाएगा।