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देवोत्थान एकादशी: चातुर्मास का होगा समापन...शुरू होंगे मांगलिक कार्य, गूंजेंगी शहनाइयां

Sun, 26 Oct 2025 04:22 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

मान्यता है कि देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा के लिए चले जाते हैं। उनका जागरण देवउठनी एकादशी पर होता है। मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं।
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एकादशी - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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देवोत्थान एकादशी पर घर-घर भगवान विष्णु की आराधना होगी। गन्ने के मंडप सजाए जाएंगे। भगवान विष्णु का जागरण किया जाएगा। मंगल गीत गाए जाएंगे। चातुर्मास का समापन होगा। मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे और शहनाइयां गूंज उठेंगी।
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मान्यता है कि देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा के लिए चले जाते हैं। उनका जागरण देवउठनी एकादशी पर होता है। मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। ज्योतिषविद् हरिओम थापक के अनुसार देवोत्थान एकादशी की तिथि एक नवंबर शनिवार की सुबह 9:12 बजे से दो नवंबर रविवार की सुबह 7:32 तक रहेगी। एक नवंबर को लगभग संपूर्ण दिन एवं दो नवंबर को उदयातिथि होने पर एकादशी पर्व दो दिन मनाया जाएगा।

यह है विवाह लग्न की तिथियां

देवउठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त तिथि होने पर लोग विवाह कार्य करेंगे। उनके अनुसार नवंबर में विवाह लग्न की तिथियां 18, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 व 30 हैं। दिसंबर में 4, 10, 11 व 12 है। 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएंगे। विवाह कार्य थम जाएंगे। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार देवोत्थान एकादशी पर तुलसी शालिगराम जी के विवाहोत्सव होंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष विवेक दत्त स्वामी के अनुसार देवउठनी एकादशी पर विवाह एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए लगभग सभी विवाह घरों की बुकिंग हो चुकी है। लोगों में खूब उत्साह है।
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