झांसी। आमजनत की शिकायतों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में जिले की गति धीमी है। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा पीड़ित को उठाना पड़ रहा है।
जिले में आईजीआरएस पोर्टल पर पीड़ित अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। इसकी मॉनीटरिंग लखनऊ से की जाती है। समाधान न होने पर पीड़ित को एक बार फीडबैक देने का मौका मिलता है। ऐसे कई मामले मौजूद हैं, जिनमें पीड़ित की शिकायत का कोई समाधान नहीं किया गया। अफसरों की मानें तो जो भी शिकायत पीड़ित करता है, उसके पास जांच अधिकारी जाते हैं और जांच के बाद समस्या का समाधान करते हैं। उसके बाद ही ऑनलाइन पोर्टल पर समस्या निस्तारित की गई लिखते हैं।
पीड़ितों की मानें तो उनके पास कोई जांच अधिकारी पूछने तक नहीं गया और उनके मोबाइल पर मेसेज आ गया कि समस्या निस्तारित हो चुकी है। समस्या निस्तारित होने का मेसेज देख पीड़ित भी दंग हैं कि जब समस्या जस की तस है तो निस्तारित क्या हुआ। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। वह स्वयं शिकायतों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। कहीं कोई शिकायत है तो पीड़ित सीधे उनसे मिल सकता है।
केस- 1
कोतवाली के उन्नाव गेट निवासी महेश ने शिकायत की थी कि कुछ लोग उसकी जमीन पर चबूतरा बना रहे हैं। उसकी शिकायत का आज तक समाधान नहीं हो सका। एक बार ही उसे बुलाया गया था।
केस- 2
सीपरी के खोड़न क्षेत्र निवासी नाथूराम ने शिकायत की थी कि उसके घर के बाहर पड़ोसी जानवर बांधते हैं। गंदगी के चलते भारी परेशानी होती है। लेकिन, शिकायत के बाद आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।