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Jhansi: श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन रास पंचायत और गोपी लीला का वर्णन, आज होगा भंडारा

Wed, 03 Dec 2025 05:38 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

चिरगांव के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग स्थित सिद्धपीठ रायसेनिया बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन मंगलवार को श्रद्धा, ज्ञान और रासलीला के दिव्य संदेशों के साथ हुआ।
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श्रीमद् भागवत कथा का गान करते कथा व्यास - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चिरगांव के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग स्थित सिद्धपीठ रायसेनिया बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन मंगलवार को श्रद्धा, ज्ञान और रासलीला के दिव्य संदेशों के साथ हुआ। अंतिम दिन कथावाचक पं. रमाकांत व्यास ने रास पंचायत और गोपी लीला का गूढ़ आध्यात्मिक विवेचन प्रस्तुत किया।
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उन्होंने कहा कि रास पंचाध्यायी योगमाया की वह लीला है, जिसमें भगवान का प्रेम सृष्टि-उद्धार का माध्यम बनता है। भागवत ग्रंथ में राधारानी का प्रत्यक्ष नाम नहीं मिलता, परंतु यह निर्विवाद सत्य है कि भगवान कृष्ण ने राधा के साथ ही रास किया। राधा-माधव एक ही ज्योति के दो स्वरूप हैं राधा शक्ति हैं और कृष्ण ब्रह्म। उन्होंने गोपी गीत को भागवत का सर्वाधिक प्रिय अध्याय बताते हुए कहा कि यह आत्मा की पुकार और ईश्वर से एकाकार होने का श्रेष्ठ भाव-संगीत है।

 
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कथा सुनते श्रद्धालु - फोटो : संवाद
कथा में कंस-वध, सुदामा चरित्र और विवाह महोत्सव का मार्मिक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे जगतगुरु राम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि यहां का वातावरण अलौकिक है, जहां आते ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा केवल प्रवचन नहीं, बल्कि ज्ञान यज्ञ है, जो मानव-जीवन को दिशा देता है।

आचार्य वैदेही बल्लभ महाराज ने व्यासपीठ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि व्यास गद्दी पर विराजमान व्यक्ति भगवान-स्वरूप होता है, जिसकी वाणी दिव्यता और सत्य का साक्षात्कार कराती है। प्रवचनकारी अर्पित योगी महाराज ने कहा कि भागवत ज्ञान यज्ञ है, जिससे समाज में भक्ति-संस्कृति का प्रकाश फैलता है। अंत में कथा परीक्षित श्रीमती पूजा निर्मल दांगी ने आरती की।
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