गुदरी मोहल्ला निवासी सौरभ गर्ग के बेटे की मृत्यु के बाद मुआवजे के तौर पर मिली रकम को साइबर जालसाज खाते से निकाल ले गए। उनको इसका पता नहीं चला। कुछ दिन बाद खाता चेक करने पर उनको पैसे निकाले जाने का पता चला। उन्होंने कोतवाली पहुंचकर आरोपी धर्मराज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सौरभ ने बताया कि उनके बेटे की मृत्यु के बाद सरकार की ओर से 20 मई को उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बचत खाते में चार लाख रुपये की राशि भेजी गई थी। उनका कहना है कि धर्मवीर एवं उसके एक साथी ने धोखे से उनके मोबाइल को हैक करके 99 हजार रुपये अपने करनाल स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा में ट्रांसफर कर लिए। काफी समय तक उनको इसका पता ही नहीं चला।
12 सितंबर को जब वह मानिक चौक स्थित बैंक शाखा में खाता चेक करने पहुंचे, तब पैसा निकाले जाने का पता चला। उनका कहना है कि उनके पास पैसा निकाले जाने का कोई मेसेज भी नहीं आया। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर में भी शिकायत दर्ज की। कोतवाल अंजन कुमार सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करके छानबीन कराई जा रही है।