बरसात और भीषण गर्मी से पहले हर साल अनुरक्षण कार्य किया जाता है, लेकिन देखा जा रहा है कि शहर के तमाम इलाकों में खंभे तारों से लदे हुए हैं। जंग खा चुके हैं या अन्य कारणों से झुक गए हैं।
बिजली निगम हर साल अनुरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इसके बाद भी शहर के कई इलाकों में बिजली के गले, झुके खंभे जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे खंभों के पास से निकलने में लोगों को डर लगता है।
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बरसात और भीषण गर्मी से पहले हर साल अनुरक्षण कार्य किया जाता है, ताकि गर्मी व बरसात में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चल सके। लोगों को कम से कम परेशानी हो, लेकिन देखा जा रहा है कि शहर के तमाम इलाकों में खंभे तारों से लदे हुए हैं। जंग खा चुके हैं या अन्य कारणों से झुक गए हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहर के तमाम इलाकों में पड़ताल में बात सामने आई।
झोकन बाग में दो खंभे केबल से लदे हुए हैं। वह बांयी तरफ झुक गए हैं। अगर हवा या बारिश होती है तो यह जमींदोज हो सकते हैं। इससे मुख्य सड़क पर होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता है।
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आशिक चौराहा और रजिस्ट्रार दफ्तर के बीच बिजली का एक खंभा झुक गया है। मुख्य सड़क पर होने के कारण इसके गिरने से हादसा हो सकता है। क्षेत्र की बिजली भी बाधित हो सकती है।
शारदा का बाग स्थित मोहल्ले में खंभा पूरी तरह से गिरने की कगार पर है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की है। सुधार न होने से मोहल्ले वाले परेशान हैं।
इनका यह है कहना
शहर में कई ऐसे खंभे हैं जिनमें नीचे की ओर जंग लग गई है। ऐसी शिकायतें आने पर हम उन्हें बदलवा देते हैं। जो भी खंभे झुक गए हैं उन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। मनोज कुमार