झांसी। झांसी नरेश गंगाधर राव एवं महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह की 174 वीं वर्षगांठ महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी द्वारा 19 मई को धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दौरान झांसी नरेश की बारात महानगर में भव्यता के साथ निकाली जाएगी। वहीं श्री गणेश मंदिर में मंगलाष्टकों के बीच श्रीमंत गंगाधर राव एवं रानी लक्ष्मीबाई के प्रतीकात्मक विवाह होगा।
महाराष्ट्र गणेश मंदिर में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सचिव गजानन खानवलकर ने बताया कि 19 मई को सुबह नौ बजे से चित्रकला प्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रतिभागी बच्चे रानी को दुल्हन के रूप में चित्रित करेंगे। विजेताओं को उसी दिन ही पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तत्पश्चात दोपहर बाद श्री लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में श्रीमंत झांसी नरेश का टीका किया जाएगा और बारात निकाली जाएगी, जिसमें बुंदेली राजाओं के स्वरूप, महाराष्ट्रीय परिवेश में पुरुष व बच्चे आदि होंगे। महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण उपरांत बारात मंदिर पहुंचेगी, जहां विभिन्न रस्मों के दौरान मंगलाष्टकों के बीच रानी एवं महाराज का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाएगा।
इस दौरान अतिथियों को महाराष्ट्रीय ऋति रिवाजों के अनुसार पान सुपारी, इत्र, मिष्ठान एवं महिलाओं को हल्दी कुमकुम दिया जाएगा। तत्पश्चात महारानी लक्ष्मीबाई सभागार में मंगल गायन होगा, जिसे समीर भालेराव व उनके शिष्य प्रस्तुत करेंगे। उनके अनुसार कार्यक्रम अवसर पर झांसी नरेश एवं महारानी को प्रतीकात्मक रूप से नजराने पेश किए जाएंगे। पदाधिकारियोें ने बताया कि प्रतिवर्ष विवाह कार्यक्रम किया जाएगा। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष चिंतामणि धुलेकर, उज्जवल देवधर, सुबोध भागवत, राकेश पाठक, प्रभात सक्सेना, मिलिंद देसाई, मोहन नेपाली, दिव्य नारायण सोनी, दिनेश भार्गव, अभिषेक साहू, मनमोहन गेड़ा आदि मौजूद रहे।