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Jhansi: डाकघर में 64 लाख के गबन के मामले में सीबीआई ने चार के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, 16 पर हुआ था मुकदमा

Thu, 11 Sep 2025 11:30 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

डाकघर में कुछ साल पूर्व गबन का बड़ा मामला उजागर हुआ था। डाककर्मियों ने मिलीभगत करके पहले फर्जी खाते खोले। उसके बाद रकम जमा करने की फर्जी एंट्री करके पूरा पैसा निकाल लिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रधान डाकघर में फर्जी खाते खोलकर 64 लाख रुपये हड़पने के मामले में सीबीआई ने चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान कुल 16 लोगों पर मुकदमा पंजीकृत हुआ था लेकिन साक्ष्य न मिलने के चलते शेष 12 लोगों को इस मामले से बाहर कर दिया गया। चार आरोपियों में दो विभागीय और दो बाहरी बताए गए हैं।

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डाकघर में कुछ साल पूर्व गबन का बड़ा मामला उजागर हुआ था। डाककर्मियों ने मिलीभगत करके पहले फर्जी खाते खोले। उसके बाद रकम जमा करने की फर्जी एंट्री करके पूरा पैसा निकाल लिया। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद तत्कालीन प्रवर अधीक्षक बीके पांडेय ने जांच कराई थी। इसमें पुष्टि होने पर गबन की सूचना 25 जुलाई 2022 को केंद्र सरकार को भेजी थी। इसके बाद, सीबीआई ने इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में पाया कि झांसी के प्रधान डाकघर व अन्य उप डाकघरों में अरुण कुमार, ए.कुमार, अनिल राजपूत के नामों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सात बचत खाते खुलवाए गए थे।

2016 का है मामला

झांसी के निवासी अरुण कुमार के नाम से दो फरवरी 2016 को उप डाकघर में बचत खाता खुलवाया गया। इसमें 19 मई 2016 तक 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद रकम निकाल ली गई। ऐसे ही अन्य खातों से भी कूटरचित चेकों के माध्यम से रकम हड़पी गई। पूरे मामले में डाकघर व बैंक के अधिकारियों व कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही। अब सीबीआई ने दो डाक सहायक अरविंद्र पटेल व अशोक कुमार व दो बाहरी लोगों के खिलाफ चार्जशीट लखनऊ स्थित कोर्ट में दाखिल कर दी है।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

तत्कालीन प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर एवरन सिंह, तत्कालीन डाक सहायक अरविंद पटेल, तत्कालीन डिप्टी पोस्टमास्टर एके शांडिल्य, तत्कालीन कार्यवाहक सीनियर पोस्टमास्टर रशीद खान मंसूरी, तत्कालीन उपडाकपाल हरदास वर्मा, तत्कालीन डाक सहायक अशोक कुमार, बचत अभिकर्ता मो. रहीस, बचत अभिकर्ता प्रतिपाल सिंह, हंसारी निवासी रवि कुमार, बाहर दतिया गेट निवासी खाताधारक अरुण कुमार, बाहर दतिया गेट निवासी ए कुमार, सदर थाना पीछे निवासी अरुण कुमार, बाहर दतिया गेट निवासी अनिल राजपूत एवं भट्टागांव निवासी अनिल के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था।

38 डाककर्मी भी पाए गए थे संलिप्त, की जा चुकी है रिकवरी

डाकघर में फर्जी खातों के जरिये लाखों रुपये हड़पने के मामले में 38 डाक कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। बताया कि जिस समय यह गोलमाल हुआ, उस समय ये कर्मचारी तैनात थे। गड़बड़ी भले ही इनके द्वारा नहीं की गई लेकिन मामले में इन्हें मददगार मानते हुए इन्हें दंडित किया गया। इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ रिकवरी की गई।
इस तरह किया गया गबन

पूर्व में डाकघरों का संचालन कागजी तौर पर चलता था। जमा-निकासी का ब्यौरा रजिस्टर में अंकित किया जाता था। इसमें आसानी से गड़बड़ी की जा सकती थी। इसी का आरोपियों ने फायदा उठाया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से डाक विभाग में फर्जी खाते खुलवाए। इसके बाद इन खातों से संबंधित रजिस्टर में चोरी चुपके फर्जी रकम की इंट्री कर दी। आपसी साठगांठ होने के चलते इसकी जांच भी नहीं की गई और बाद में इस पैसे की निकासी कर ली गई। इसके बाद जब जमा और निकासी में अंतर आया तो यह मामला पकड़ा गया।

इन्होंने बताया

झांसी डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक वरुण मिश्रा ने बताया कि फर्जी खाते खोलकर किए गए गबन के मामले में सीबीआई ने जांच करते हुए 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब चार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

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