बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने अवैध धन उगाही के लिए बहुत बड़ा खेल कर दिया है। युवाओं को ठगने के लिए बॉलिवुड का सपना दिखाया। विश्वनीयता बढ़ाने के लिए पोस्टर बैनर लगाकर प्रचार किया गया। हालांकि समय रहते इनका यह कारनामा उजागर हो गया है। कुलपति ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने सिने ब्लो इण्टरटेनमेण्ट प्रालि के साथ मिलकर 'टिकट टू बॉलिवुड' नाम से प्रोग्राम लांच किया। युवाओं को सपना दिखाया कि यहाँ बेहतर करने पर उन्हें बॉलिवुड का टिकट थमाएगा। इन शिक्षकों ने इसमें धोखाधड़ी का मायाजाल भी फैला लिया। शिक्षको ने परिसर तथा अन्य स्थान पर पोस्टर व बैनर लगाकर प्रचार किया। विश्वविद्यालय परिसर में इसका पोस्टर लांच कराया, ताकि युवाओं में विश्वसनीयता बढ़े और वह अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराएं। बताया गया कि टिकट टू बॉलिवुड का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराने के लिए के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षक ने अपनी पत्नी का बैंक अकाउंट नंबर और क्यूआर कोड दे दिया। आरोप है कि इस घपले के लिए गोपनीय तरीके से खाता खोलकर अवैध उगाही शुरू कर दी, लेकिन यह मामला जल्दी ही खुल गया। कुलसचिव राजबहादुर ने विश्वविद्यालय की छवि खराब करने में शिक्षकों की भूमिका की जाँच करने के लिए समिति का गठन किया है। इसमें प्रौद्योगिकी विभाग के आचार्य प्रो. शिव कुमार कटियार, आचार्य प्रो. वीके सिंह, उप कुलसचिव (प्रशासन)। शेख अंजुम को शामिल किया गया है। कमेटी को 25 अगस्त तक जांच कर आख्या देने के लिए कहा गया हैं। इसकी जानकारी होने पर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय तथा एक मीडिया ग्रुप ने युवाओं व छात्र-छात्राओं के हित में अपना अनुबंध निरस्त कर दिया। सिनो ब्लो प्रालि की चारु तलवार ने भी पूर्णिमा इण्टरटेनमेण्ट कम्पनी का क्यूआर कोड का उपयोग करने की जानकारी नहीं होने की लिखित सूचना देते हुए अपने को अलग कर दिया है।