झांसी। कोरोना वायरस की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए झांसी पूरी तरह से तैयार हो रही है। जल्द ही एल-1 इकाइयों में ओटी टेक्नीशियन और एल-2 लेवल के अस्पतालों में एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन नियुक्त किए जाएंगे। इन्हीं के हाथों में आईसीयू की मशीनें चलाने की बागडोर होगी। शासन ने इनकी नियुक्ति करने की मंजूरी दे दी है।
जिले में रानीपुर, गरौठा, बरुआसागर, बड़ागांव और समथर सीएचसी में एल-1 अस्पताल हैं। जबकि, जिला अस्पताल और रेलवे हॉस्पिटल एल-2 चिकित्सालय हैं। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित होने के चलते मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। ज्यादातर भार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों पर रहा। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कम से कम दो से तीन महीने का समय लग जाएगा। ऐसे में सरकार की तरफ से तैयारियां दुरुस्त कर ली जा रही हैं। ताकि, लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इसी के मद्देनजर अब एल-1 और एल-2 अस्पतालों में स्पेशिलिस्ट स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी, जो डॉक्टरों की मदद से आईसीयू में हाई फ्लो ऑक्सीजन मशीन, वाईपैप, वेंटिलेटर चला सकेंगे। इससे गांवों के नजदीक ही मरीजों को इलाज मिल सकेगा। उन्हें शहर की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
स्टाफ को दी जाएगी ट्रेनिंग
ओटी टेक्नीशियन और एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन की नियुक्ति के बाद इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में बुलाकर स्टाफ को ट्रेनिंग देंगे। उन्हें बताया जाएगा कि मशीन का संचालन किस प्रकार करना है।
दस ऑक्सीजन प्लांट भी लग रहे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर, बड़ागांव, बरुआसागर, गरौठा, समथर समेत रेलवे अस्पताल, कैंट अस्पताल, मिलेट्री हॉस्पिटल, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में प्रदेश सरकार की तरफ से ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। सभी प्लांटों को मिलाकर लगभग 115 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की प्रतिदिन उपलब्धता रहेगी। ऐसे में अब जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।