टोड़ीफतेहपुर निवासी श्रीराम गुप्ता (51) ने चित्रा चौराहे के पास स्थित एक होटल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। वह एक कारोबारी के यहां मुनीम थे। पिछले तीन महीने से काम पर नहीं जा रहे थे। परिजनों ने बताया कि पारिवारिक विवाद की वजह से वह 20 दिन से गांव से आकर होटल में रह रहे थे। उनके सुसाइड की वजह साफ नहीं हो सकी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि श्रीराम गुप्ता मोंठ निवासी अपने एक रिश्तेदार की आढ़त में मुनीम थे। बीमारी की वजह से तीन माह से काम पर नहीं जा रहे थे। 24 अगस्त को गांव से आकर चित्रा चाैराहा स्थित श्याम होटल में कमरा लेकर रहने लगे। घरवालों से रोजाना फोन पर बात करते थे। शनिवार शाम होटलकर्मी ने जब उनका दरवाजा खटखटाया, तब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक जवाब न मिलने पर होटलकर्मियों ने पुलिस बुलाई।पुलिस के पहुंचने पर दरवाजा खोला गया। अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बीमारी से वह परेशान थे लेकिन सुसाइड की वजह नहीं बता सके। श्रीराम की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। उनकी दो बेटियां इंदौर में एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं जबकि बेटा मां के साथ गुरसराय में रहता है।
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम का कहना है कि परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।