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झांसी: पत्नी और बेटे की हत्या के प्रयास में 10 साल की सजा, आठ साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा

Wed, 15 Oct 2025 11:17 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

मायके में रह रही पत्नी को ले जाने के बहाने पहुंचे पति ने पत्नी व बेटे की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने दोष सिद्ध होने पर दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मायके में रह रही पत्नी को ले जाने के बहाने पहुंचे पति ने पत्नी व बेटे की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने दोष सिद्ध होने पर दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है।
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मऊरानीपुर थाने में 11 मई 2017 को लहचूरा थाने के बरुआमाफ निवासी रामपाल रैकवार ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन बालकुंवर की शादी थाना उल्दन के पचवारा निवासी दिग्विजय के साथ 10-12 साल पहले हुई थी। उसकी बहन के दो बेटे हैं। पति-पत्नी में अनबन के कारण कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। समझौते के बाद उसकी बहन दोनों बेटों के साथ मायके आ गई। 11 मई को उसका जीजा घर आया, लेकिन बहन इलाज कराने मऊरानीपुर गई थी। इसके बाद वह लौट गया। कुछ देर बाद उसकी बहन बेटे विशाल के साथ घर लौट रही थी। इसी बीच उसके जीजा ने धारदार हथियार से उसकी बहन की गर्दन पर प्रहार कर दिया। उसने बेटे पर भी हमला किया। दोनों को अस्पताल लाया गया। पुलिस ने धारा 307, 504, 506 में मुकदमा दर्ज कर दिग्विजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर दिग्विजय को 10 साल की सजा सुनाई गई। उसे 12 हजार का अर्थदंड भी देना होगा।
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