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पं. दीनदयाल के बजाए अब जयप्रकाश नारायण ने नाम से जाने जाएंगे आश्रम पद्धति विद्यालय

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झांसी। पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से पहचाने जाने वाले आश्रम पद्धति विद्यालयों का नाम कोविड काल के दौरान गुपचुप तरीके से बदल दिया गया। विद्यालयों का नामकरण सर्वोदयी नेता जयप्रकाश नारायण के नाम पर कर दिया गया है। जानकार इसके पीछे राजनीतिक निहतार्थ भी जोड़ रहे हैं।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से दुर्बल आय वर्ग के छात्रों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किए जाते हैं। सीबीएसई बोर्ड के पैटर्न पर कक्षा छह से लेकर बारह तक यहां पढ़ाई होती है। जनपद में ग्राम दिगारा और कोछाभांवर में विद्यालय चल रहे हैं। इस समय यहां कुल करीब 760 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। कोविड प्रकोप के कारण विद्यालय बंद चल रहे हैं। पिछले सत्र तक विद्यालयों को पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय के नाम से पहचाना जाता था, लेकिन कुछ दिन पहले स्कूल खुलने को लेकर आए आदेश में इन विद्यालयों का नाम बदलकर जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय कर दिया गया।
विद्यालयों का नाम कब बदला गया, इस बारे में अफसर कुछ नहीं बता पा रहे हैं। कोई भी अफसर इस बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता। हालांकि, इन विद्यालयों के नाम पहले भी कई बार बदले जा चुके हैं। पूर्व में समाजवादी पार्टी शासनकाल में विद्यालयों को डा. राममनोहर लोहिया विद्यालय के नाम से जाना जाता था। उसके पहले बसपा शासनकाल में विद्यालय डा.भीमराव आंबेडकर विद्यालय के नाम से संचालित होते थे। भाजपा शासनकाल में पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर विद्यालय संचालित होने लगे। अब इन्हें जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय कर दिया गया।
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15 से विद्यालय खोले जाने की तैयारी
करीब एक साल से बंद आश्रम विद्यालयों को 15 फरवरी से खोले जाने की तैयारी है। इस संबंध में समाज कल्याण निदेशालय की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए। निर्देशों के मुताबिक शुरूआत में सिर्फ दसवीं एवं बारहवीं के छात्रों के लिए विद्यालय खोले जाएंगे। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन होगा। बता दें, आश्रम पद्धति विद्यालयों के सभी छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा है।
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