झांसी। छुट्टा जानवर लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। ये अपने साथ तमाम ‘जूनोटिक डिसीज’ समेटे हुए हैं, जो जानवरों के माध्यम से से मनुष्य को मिलती हैं।
महारानी लक्ष्मीमी बाई मेडिकल कालेज के डा.जकी सिद्दकी ने बताया कि छु्ट्टा स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। कुत्ते और बंदर के काटने पर रैबीज फैलता है। मेडिकल कालेज में रोज औसतन 80 मरीज कुत्ते काटे के पहुंच रहे हैं। सुअर स्वाइन फ्लू फैला सकते हैं। बीमार गाय का दूध सेहत बिगाड़ सकता है।
कुत्ते और बंदर फैलाते हैं रैबीज
कुत्ते और बंदर के काटने से तत्काल रैबीज के वायरस शरीर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। ज्यादा संक्रमण होने पर इंजेक्शन भी कारगर नहीं होते। रैबीज लाइलाज बीमारी है। एक बार रैबीज के वायरस शरीर में सक्रिय होने पर इन्हें रोकना असंभव होता है।
बंदर से इबोला वायरस का खतरा
संक्रमित बंदर से रैबीज के साथ - साथ इबोला वायरस का भी खतरा बना रहता है। यह बेहद खतरनाक होता है। यह घातक वायरस आसानी से शरीर के भीतर प्रवेश कर जाता है। इससे निपटना मुश्किल हो जाता है।
सुअर फैलाता है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू सुअर से फैलने वाली एक सबसे खतरनाक बीमारी है। इसकी चपेट में आने से तमाम लोग अपनी जान गवां चुके हैं। सुअरों को होने वाले संक्रमण से सबसे पहले स्वाइन फ्लू मानव प्रजाति को ही होता है। यह फ्लू सांसों के सहारे आग फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर यह दूसरे को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
बीमार गाय का दूध है घातक
संक्रमित गाय का दूध पेट और आंतों की टीबी का कारण बन सकता है। गाय दूषित पानी पीले दूध में लेड की मात्रा बढ़ जाती है। यह मनुष्य के शरीर में इकट्ठा होकर दिमाग को प्रभावित कर सकती है। छुट्टा गायें कचरे और नाली में मुंह मारती अक्सर दिखती हैं। ऐसे में इनका दूध स्वास्थ्य बिगाड़ सकता है।
रोजाना मर रहा है गोवंश
हाइवे पर जमा गाय सांडों के झुंड आए दिन वाहनों से टकरा रहे हैं, जिससे उनकी मौत हो रही है। सेमरी निवासी कमलेश कुमार यादव ने बताया कि शनिवार को झांसी से सेमरी के बीच सड़क पर एक दर्जन से अधिक गोवंश के शव देखने को मिले। किसान गांव के छुट्टा जानवरों को हाइवे पर छोड़ गए हैं, ताकि वे फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाएं।
सीओ सिटी के बेतुके बोल
झांसी। छुट्टा जानवरों की वजह से सड़क पर लगने वाले जाम और लोगों के घायल होने के मसले सीओ सिटी व ट्रैफिक कल्याण सिंह का कहना है कि वह नगर निगम को पत्र लिख चुके हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। पुलिस का काम जानवर पकड़ना नहीं है। अगर ऐसा कोई कानून है, तो इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि जब वीआईपी आता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। इस वजह से सड़कों पर पुलिस फोर्स तैनात किया जाता है, तो पुलिस छुट्टा जानवरों को हटा देती है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क पर जाम लगाने वाले जानवरों को पुलिस द्वारा हटाने संबंधी कोई कानून या अधिकार पुलिस के पास में है, तो उन्हें बताया जाए।
आवारा जानवरों की धमाचौकड़ी से फसल चौपट
एरच / खिलारा (झांसी)। आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या के कारण किसानों की खरीफ की फसल चौपट होने की कगार पर है। किसानों को फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों जानवरों छुट्टा घूमते रहते हैं। आवारा जानवरों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं और वहां खड़ी तिल, उर्द, मूंगफली की फसल को खाकर बर्बाद कर देते हैं। आवारा जानवरों के कारण किसानों के सामने फसल बचाने संकट खड़ा हो गया है। अगर आवारा जानवरों की रोकथाम के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए तो फसल बचा पाना मुश्किल होगा। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-खजुराहो पर जगह-जगह छुट्टा पशुओं के झुंड खडे़ रहने से आए दिन राहगीर घायल हो रहे हैं। शनिवार की रात नंदकिशोर कुशवाहा (45) बाइक से मऊरानीपुर की ओर से गांव करारागंज जा रहा था। सड़क पर खड़ी गायों के कारण वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
सोशल मीडिया पर भी गरमाया छुट्टा जानवरों का मुद्दा
सब हेड... अमर उजाला की मुहिम की हो रही है सराहना
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। छुट्टा जानवरों का मुद्दा इन दिनों सोशल मीडिया पर भी खूब गरमाया हुआ है। अमर उजाला की इस मुहिम को सराहना मिल रही है। लोग आपबीती बता रहे हैं। इनमें से ये रहे कुछ लोगों के कमेंट---
- अमर उजाला ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन कर रहा है। इस समर्पण के लिए धन्यवाद। - डा. सुनील दीक्षित
- छुट्टा जानवरों को सामने धमाचौकड़ी करते देख एक दिन ड्राइविंग करते समय मन ही मन बड़बड़ा रहा था। अमर उजाला ने मन की बात रखी। - कृष्णकुमार
- छुट्टा जानवरों से रात में ड्राइविंग में समस्या और भी बढ़ जाती है। - राकेश गुबरेले
- सही कहा, सड़क पर छुट्टा जानवरों की वजह से अब कोई महफूज नहीं है। - पंकज जैन