झांसी। बुंदेलखंड में जल संकट के समाधान और जल संरक्षण के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से जल सहेलियों की पदयात्रा सातवें दिन विभिन्न स्थानों पर मिट्टी और पानी की गुणवत्ता जांच का प्रदर्शन किया। यह यात्रा ओरछा धाम से जटाशंकर धाम तक निकाली गई है, जिसे जल सहेलियों ने संकल्पपूर्वक पूरा करने का निर्णय लिया है।
इस दौरान जब यात्रा मान सरोवर तालाब से दो किलोमीटर पहले पहुंची, यहां पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने जल सहेलियों का स्वागत किया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जल संकट की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बुंदेलखंड में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है, जबकि चंदेलकालीन तालाब और छोटी नदियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं।जल सहेलियों की यह यात्रा अचर्रा गांव से प्रारंभ होकर कुशलपुरा, कंचनपुरा, मोहनगढ़, शंकरगढ़ और कुलापुरा, मस्तापुरा, पंचमपुरा, कौड़िया, दरगाय, गोर गांवों से होकर गुजरी। यात्रा की शुरुआत प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद गांव के लोगों के साथ नुक्कड़ बैठक का आयोजन किया गया। इसके बाद यात्रा अचर्रा धाम तालाब पहुंची। यात्रा के दौरान अचर्रा मुख्य बाजार में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें लगभग 300 लोगों ने भाग लिया और जल सहेलियों का अभिनंदन किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश दांगी, मंडल अध्यक्ष राजबहादुर सिंह गौर, मोहनगढ़ के सरपंच कनई केवट, केशवगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन, विजरावन के सरपंच शैलेंद्र सिंह, विद्याधर यादव आदि मौजूद रहे। ब्यूरो