जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री योगी
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पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ योजना को भी जलनिगम के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यहां के अधिकारियों ने योजना में चार ऐसे गांवों को भी शामिल कर लिया, जहां पानी का कोई स्रोत नहीं है। खामी सामने आने के बाद अब मुख्य अभियंता के निर्देश पर इस लापरवाही जांच की जा रही है।
जनपद में अभी तक 146 ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित की गईं हैं। इनमें 114 का संचालन ग्राम पंचायतों, चार का जलनिगम और 27 का जलसंस्थान के पास है। इनमें पांच ग्राम पंचायतों व दो जलसंस्थान की योजनाएं पूरी तरह बंद चल रहीं हैं। छोटी- बड़ी कमियों के कारण बाकी योजनाएं भी आंशिक चल रहीं हैं। पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ योजना के तहत उक्त योजनाओं को पूरी तरह चालू कर हर घर को कनेक्शन देने का काम होना है। इनमें 41 योजनाओं का काम जलनिगम को सौंपा गया है। इस कार्य के लिए 6.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जलनिगम ने उक्त योजनाओं के जो एस्टीमेट तैयार किए, उनमें बड़ागांव ब्लाक के चिपलौटा, बबीना के किल्चवारा, बबीना के रमपुरा व बामौर के नागर गांव को भी शामिल कर लिया। टेंडर भी आवंटित कर दिए गए। बाद में पता लगा कि उक्त चार गांवों में तो पानी का कोई स्रोत हीं नहीं है। संबंधित अधिकारियों ने बिना जांच के ही उक्त गांवों को योजना में शामिल कर एस्टीमेट तैयार कर लिया। खामी का पता लगने पर उक्त गांवों को सूची से हटाया गया। उनकी जगह चकारा, नंदशिया व मगरोरा गांव को शामिल किया गया।
जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ योजना के एस्टीमेट में चार गांवों को लापरवाही पूर्वक शामिल किया। इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
राजेश कुमार, मुख्य अभियंता जलनिगम