झांसी। खुश हो खुदावंत आया है... मेरा प्रभु जन्मा, प्यारा प्रभु जन्मा... आया है यीशु आया है...। बृहस्पतिवार की शाम सेंट ज्यूड श्राइन प्रभु यीशु के जन्म के अवसर पर मसीह गीतों से गुंजायमान हो उठा। कोरोना की वजह से इस बार यहां रात 12 बजे की जगह शाम सात बजे यीशु जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। इसके अलावा अन्य सभी चर्चों में भी क्रिसमस मनाया गया। इस अवसर चर्च प्रभु यीशु के स्वागत में रंगबिरंगी विद्युत छटाओं से सराबोर नजर आईं।
सेंट ज्यूड श्राइन में हमेशा से ही रात बारह बजे यीशु का जन्मोत्सव मनाया जाता था। लेकिन, इस बार कोरोना काल में मनाए जा रहे क्रिसमस पर्व पर यहां परंपरा में परिवर्तन करते हुए सभी आयोजन शाम सात बजे से शुरू हुए। शुरुआत में प्रार्थना सभा हुई और इसके बाद प्रवचन हुए, जिसमें बताया गया कि मानवता की भलाई के लिए यीशु का जन्म हुआ था। उन्होंने शांति और आपसी एकजुटता का संदेश दिया है। इसके बाद प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया गया। सभी ने एकदूसरे को क्रिसमस की बधाइयां दीं। ज्यादातर लोग मास्क में नजर आए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिवस के बधाई संदेशों का आदान प्रदान किया।
घर-घर पहुंचे क्रिसमस ट्री
झांसी। क्रिसमस को लेकर केवल मसीही समुदाय में ही नहीं, बल्कि सभी में उत्साह नजर आया। खासतौर पर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए। तमाम घरों में क्रिसमस ट्री सजाया गया। इस दौरान आर्टिफिशियल क्रिसमस ट्री की खूब बिक्री हुई। इसके अलावा सांता क्लॉज की पोशाक व मुखौटे भी खूब बिके।
यीशु के जन्म की सजी झांकी
झांसी। सेंट ज्यूड श्राइन में प्रभु यीशु के जन्म की झांकी सजाई गई, जिसमें यीशु मां मरियम की गोद में नजर आए। झांकियों की आकर्षक सजावट की गई। चर्च पहुंचे लोगों ने झांकियों के दर्शन किए।
स्कूल में मनाया गया क्रिसमस
झांसी। जेकब हाईस्कूल के शिक्षकों ने क्रिसमस पर्व मनाया। इस अवसर पर प्रभु यीशु के जन्म की गाथा को गीतों के जरिये प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर ब्युला जेकब, हेनरी जेकब, सेमसन जेकब आदि उपस्थित रहे।
प्रभु, दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त कर
झांसी। कोरोना काल में मनाए गए क्रिसमस के पर्व पर दुआएं मांगने चर्चों में पहुंचे ज्यादातर लोगों ने दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त करने की प्रभु से प्रार्थना की। चर्च पहुंचे लोगों ने अब तक बचाए रखने के लिए प्रभु को धन्यवाद दिया।
बीता हुआ साल पूरी दुनिया के लिए अच्छा नहीं रहा, लेकिन प्रभु से प्रार्थना है कि आने वाले साल में लोगों को कोरोना महामारी का सामना नहीं करना पड़े।
- एलिस, सिविल लाइन
प्रभु यीशु मसीह ने मानवता की भलाई के लिए जन्म लिया था। उन्होंने सभी को शांति का संदेश दिया था। हम उनका अनुसरण का पूरी दुनिया को खुशहाल बना सकते हैं।
- रीना हैरी, पुलिया नंबर नौ
प्रभु यीशु के बताए मार्ग पर चलकर ही हम सभी शांति और भाईचारे के साथ रह सकते हैं। उन्होंने खुद तमाम कष्ट सहकर मानवता की भलाई का काम किया था।
- सिमोना, सिविल लाइन
क्रिसमस को लेकर सभी में उत्साह है। ये पर्व केवल क्रिश्चियन समाज ही नहीं, बल्कि अन्य समुदायों के लिए तमाम लोग भी मनाते हैं। यीशु सभी में खुशियां बिखेरते हैं।
- जेनिता, सीकेसी के पास
क्रिसमस मानवता का संदेश देने का पर्व है। प्रभु यीशु ने तमाम कष्टों को सहते हुए दुनिया को भलाई करने का संदेश दिया था। हम सभी को उनका अनुसरण करना चाहिए।
- निशा, टंडन रोड
प्रभु से प्रार्थना है कि आने वाले साल में कोरोना महामारी का अंत हो जाए। इसके अलावा अब तक उन्होंने हम सब को बचाकर रखा, इसका भी बहुत आभार है।
- रक्षिता दास, मिशन कंपाउंड