प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड में खुशहाली के लिए इस्राइल तकनीक से खेती की जाएगी। इस्राइल ऐसा देश है, जहां कम पानी में भरपूर उत्पादन होता है। क्षेत्र का सर्वे करने के लिए जल्द ही वहां से टीम आएगी। बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ाने के लिए यहां की हवेलियां, गढ़ी और किलों को राजस्थान की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए विधायक अपने क्षेत्र में सौ-सौ हैंडपंप मार्च से पहले लगवा सकेंगे। वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि संभावित सूखा की स्थिति उत्पन्न होती है तो त्वरित योजना और बुंदेलखंड विकास निधि से पाइप पेयजल के लिए 83 करोड़ रुपये, बिजली के लिए 36 करोड़ रुपये और सिंचाई में ट्यूबवेल के लिए 19.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य और ग्राम विकास विभाग को दस फरवरी तक कार्ययोजना बनाकर देने के निर्देश दिए हैं। बुंदेलखंड में एक्सप्रेस- वे का निर्माण होगा, जिससे यहां का पिछड़ापन दूर होगा। चार महीने में लखनऊ से गाजीपुर तक ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हो जाएगा। ऊर्जा विभाग 1000 मेगावाट सोलर इनर्जी का टेंडर कर चुका है। इससे बुंदेलखंड में कई स्थानों पर सोलर प्लांट लगेंगे। मेडिकल कालेज में डाक्टरों की कमी दूर होगी।
प्रदेश सरकार भर्तियां कर रही है, इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। ग्रामीणों के आवास बनाने का लक्ष्य पिछले साल ढाई लाख था, लेकिन इस साल लक्ष्य बढ़ाकर 8.50 लाख कर दिया गया है। यदि व्यक्ति पात्र है और उनका नाम सूची में नहीं आया है तो ऐसे लोगों के लिए विशेष आवास योजना शुरू की गई है।