झांसी। टाइप टेस्ट से गैर हाजिर पांच सफाईकर्मियों को नौकरी बचाने के लिए आखिरी मौका मिलेगा। इस महीने में ही टाइप टेस्ट कराया जाएगा। इसके पहले टाइप टेस्ट में फेल हो जाने से दो सिंचाई कर्मी पहले ही अपनी नौकरी गवां चुके हैं।
मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हुए लिपिकों को दो साल के भीतर टाइप टेस्ट पास करना जरूरी होता है लेकिन, इन कर्मचारियों का समय पर टेस्ट ही नहीं हुआ। चतुर्थ खंड में सबसे पहले मामला उजागर हुआ। इसमें कुल आठ कर्मचारी ऐसे पाए गए जिनकी परीक्षा दो साल बीतने के बाद भी नहीं कराई गई। मामला सामने आने के बाद अधीक्षण अभियंता संजीव झा ने तत्काल एक कमेटी बना दी। तमाम विवादों के बीच पिछले दिनों कड़ी निगरानी में इन कर्मचारियों का टाइप टेस्ट कराया गया। इनमें दो कर्मचारी अनुपस्थित हो गए जबकि दो फेल घोषित कर दिए गए। फेल कर्मचारियों को सेवा मुक्त कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता ने अनुपस्थित कर्मचारियों को लेकर अधीक्षण अभियंता अजय भारतीय से जवाब तलब करते हुए इनकी परीक्षा इसी माह कराने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जिन कर्मचारियों के दो साल से कम अवधि की नौकरी हुई उनमें भी 6 फेल हो गए हालांकि इनको अभी एक मौका दिया जाएगा।