झांसी। भारतीय क्रिकेट में अब प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत तो सिर्फ उन्हें मौका देने व परखने की है।
आईपीएल जैसी लघु स्वरूप के क्रिकेट ने भारतीय क्रिकेट का तानाबाना बदलकर रख दिया है। अब हर सीजन में चार - पांच नये स्टार सामने आ रहे हैं। यह बात 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के हीरो रहे मदन लाल ने अमर उजाला से हुई बातचीत में कही। वह मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार के आमंत्रण पर पांच दिवसीय टेलेंट सर्च कार्यक्रम में लगभग चार हजार बच्चों को क्रिकेट की टिप्स देकर शिवपुरी से दिल्ली लौट रहे थे।
उन्होंने कहा कि उप्र सरकार या उप्र क्रिकेट संघ यदि उनसे इस कार्यक्रम को यहां चलाने का आग्रह करेगा, तो वह इसे पूरा करना पसंद करेंगे। 1983 विश्वकप फाइनल में रिचर्डस का विकेट लेना वह अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी मानते हैं। उन्होंने कहा कि उस दिन भगवान की मर्जी से सब कुछ अच्छा हुआ। इस दौरान मदन लाल ने झांसी में होने जा रही इंडियन ग्रामीण क्रिकेट लीग के बारे में जानकारी ली तथा इसमें सक्रिय भागीदारी का वायदा भी किया। उन्होंने कहा कि कड़े अभ्यास व खेल के प्रति समर्पण से अच्छा क्रिकेटर तैयार होता है।
इससे पूर्व मदन लाल का स्टेशन पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजेंद्र यादव, प्रदेश सरकार के खेल सलाहकार राज्य मंत्री डा. अनुराग भदौरिया, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी अब्दुल अजीज ने स्वागत किया।