झांसी। मंगलवार को बारह साल का एक बालक अर्द्धविक्षिप्त अवस्था में भटकता मिला, जिसे चेतना संस्था ने मेडिकल कालेज में इलाज के लिए भर्ती कराया। बच्चे का आरोप है कि पिछले दिनों उसके शरीर से कुछ लोगों ने खून व किडनी निकाल ली। बाद में उसे लावारिस छोड़ दिया। बालक अपने को कानपुर का रहने वाला बता रहा है।
लक्ष्मी ताल के निकट स्थित काली मंदिर में मंगलवार को दर्शन करने पहुंचे लोगों को बारह वर्षीय बच्चा लावारिस अवस्था में भटकता हुआ मिला। बच्चे के हाथ व पैरों में सूजन थी। वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। सूचना मिलने पर समाजसेवी भानु सहाय ने चेतना संस्था से संपर्क किया। संस्था के प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार ने बच्चे को जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया। हालत खराब होने पर डीपीओ ने बच्चे को तत्काल मेडिकल कालेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए। बच्चे ने अपना नाम दीपक, पिता का नाम गोपी तथा मां का नाम लक्ष्मी बताया। उसका कहना है कि वह कानपुर का रहने वाला है। गांव या मुहल्ले का नाम वह नहीं बता पाया।
बच्चे का कहना है कि कुछ समय पहले कुछ लोगों ने उसका खून व किडनी निकाल ली थी। बाद में उसे छोड़ दिया था। इसके अलावा वह कुछ नहीं बता पा रहा है। प्रारंभिक जांच में चिकित्सक किडनी निकालने के आरोप को संदिग्ध मान रहे हैं। उनका कहना है कि किडनी का ऑपरेशन शरीर के पिछले हिस्से से होता है, जबकि बच्चे के पेट पर पुराने जख्म का निशान है। बच्चे के शरीर में खून की कमी पाई गई। उसे खून चढ़ाया जा रहा है। अस्पताल में बच्चे की तीमारदारी में चेतना संस्था के प्रतिनिधि पूरन चौधरी लगे हुए हैं।