इसके बाद ही रिटर्न भरें। 30 नवंबर के बाद रिटर्न जमा करने पर पांच से दस हजार रुपये लेट फीस देनी होगी। इस बार रिटर्न सावधानी से भरें, क्योंकि गलत जानकारी देने पर छह साल के भीतर तक कभी भी आपकी जांच को सकती है। झांसी- ललितपुर परिक्षेत्र के 1.40 लाख करदाताओं में 60 हजार पांच लाख रुपये से अधिक आय दिखाते हैं।
इसमें अधिकांश सरकारी नौकर और व्यापारी शामिल हैं। आयकर का नया स्लैब आयकर के नए स्लैब के अनुसार 2.5 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट पहले से थी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2.50 लाख रुपये पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच फीसदी, पांच लाख से 7.50 लाख रुपये तक 10 फीसदी और 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा। दस लाख से 12.50 लाख रुपये की आय पर अब 20 फीसदी टैक्स लगेगा। 12.50 लाख से 15 लाख रुपये की आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों पर पहले की तरह 30 फीसदी टैक्स लगेगा।
रिटर्न दाखिल करने के लाभ
- कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है।
- रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है।
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी।
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी।
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए।
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी। - रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है।