अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित की गईं संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए निबंधन विभाग की टीम मौके पर जाएगी। गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
गिफ्ट डीड के माध्यम से लोग अपने रक्त संबंधियों में संपत्ति का हस्तांतरण कर सकते हैं। इसके लिए केवल पांच हजार रुपये शुल्क अदा करना होता है। इस योजना के तहत व्यावसायिक संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है। अब निबंधन विभाग इस योजना के तहत हुए बैनामों की जांच करने जा रहा है। इसमें खासतौर पर देखा जाएगा कि दान में दी गई संपत्ति कहीं व्यावसायिक तो नहीं है। जांच में संपत्ति व्यावसायिक पाए जाने पर संबंधित से नियमानुसार स्टांप शुल्क की वसूली की जाएगी। सहायक महानिरीक्षक निबंधन प्रवीण सिंह ने बताया कि आकस्मिक तौर पर शुरुआत में गिफ्ट डीड के 12 बैनामों की जांच की जा रही है। जांच का दायरा आगे बढ़ाया जाएगा।
जमा करें 10-25 हजार के स्टांप पेपर
10 हजार से 25 हजार रुपये मूल्य के स्टांप पेपर 31 मार्च के बाद निष्प्रयोज्य हो जाएंगे। इनके स्थान पर ई-स्टांप का इस्तेमाल किया जाएगा। सब रजिस्ट्रार सुभाष चंद्र ने बताया कि जिन लोगों के पास 10 हजार से 25 हजार मूल्य के स्टांप पेपर रखे हैं, वे कोषागार में जमा कर दें। 31 मार्च के बाद ये जमा नहीं किए जाएंगे और निष्प्रयोज्य हो जाएंगे।