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पड़ताल : इमरजेंसी व आईसीयू के कई बीपी मॉनीटर और ऑक्सीटोमीटर खराब

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भर्ती होने वाले गंभीर रोगियों की हालत पर सतत निगरानी में हो रही दिक्कत, डॉक्टर मैन्युवल कर रहे जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और आईसीयू के ज्यादातर ब्लड प्रेशर मॉनीटर व पल्स ऑक्सीटोमीटर (ऑक्सीजन स्तर नापने का यंत्र) खराब पड़े हैं। इससे रोगियों की सतत निगरानी करने में डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को दिक्कत होती है। जब रोगी की हालत बिगड़ती तो डॉक्टर को निजी उपकरण से ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन लेवल का परीक्षण करना पड़ता है। यह हालात तब है, जब बेहतर स्वास्थ्य सेवा पर शासन लाखों रुपये खर्च कर रहा है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंभीर हालत में मरीज आते हैं। तत्काल उपचार के बाद उनकी हालत स्थित होने पर संबंधित वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। भर्ती गंभीर रोगियों के ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल की लगातार मॉनीटरिंग के लिए इमरजेंसी और इमरजेंसी आईसीयू में उपकरण लगे हुए हैं, जिनमें से अधिकांश काफी समय से खराब हैं। इसके चलते, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ रोगी की हालात पर सतत नजर नहीं रख पाते हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है मगर सिर्फ आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा है। कई आईसीयू वार्डों में अधिकतर पल्स ऑक्सीटोमीटर खराब हैं।
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क्या होता है ऑक्सीटोमीटर
पल्स ऑक्सीटोमीटर हृदय की धड़कन के साथ सांस लेने के स्तर को भी मापता है। इससे शरीर में जीवनदायनी ऑक्सीजन का स्तर पता चलता है। किसी रोगी का ऑक्सीजन स्तर 90 से कम होने पर दिक्कत होने लगती है।
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वर्जन

इमरजेंसी और आईसीयू के मॉनीटर चालू हैं, लेकिन कुछ उपकरण खराब पड़े हैं। करीब पांच-छह दिन पहले उपकरण बदलने के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही मॉनीटर चालू कर दिए जाएंगे। - संदीप, टेक्नीशियन, मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
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