मुरैना सेक्शन के सांक स्टेशन पर 18 मार्च की रात मालगाड़ी से चावल की बोरियां चोरी होने के प्रकरण में आरपीएफ के उच्च अधिकारियों को गलत सूचना देने पर प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पहले सेक्शन में तैनात आरक्षी को निलंबित कर दिया गया था।
विगत 18 मार्च को सांक स्टेशन के निकट खड़ी मालगाड़ी से बदमाशों ने चावल की बोरियां चोरी कर ली थी। आरपीएफ को अगले दिन 68 चावल की बोरियां पटरियों के पास झाड़ियों में छिपी मिली थीं।
हालांकि, बाद में आरपीएफ ने उक्त अपराध में शामिल सभी बदमाशों को पकड़ लिया था। वहीं, इस मामले में मुरैना प्रभारी निरीक्षक ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना दी थी कि वे सेक्शन में तैनात आरक्षी वृंदावन सिंह राठौर ने उनको रात में बताया था कि मालगाड़ी के एक वैगन के गेट का लॉक टूटा मिला है।
गेट का लॉक लगाने के बाद मालगाड़ी को सुरक्षित रवाना कर दिया गया। घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। इस बात पर आरक्षी को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से असंतुष्ट आरक्षी ने आरपीएफ महानिदेशक को ट्विटर पर शिकायत भेजी कि घटना वाले दिन प्रभारी निरीक्षक खुद गश्त पर थे और उनकी सूचना पर मौके पर आए थे।
मगर इसके बाद भी उन्होंने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रभारी निरीक्षक की गलत सूचना पर उसे निलंबित कर दिया गया। शिकायत के आधार पर आरपीएफ महानिरीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक निरंजन सिंह को निलंबित कर दिया है। उनको मंडल मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस मामले की जांच सहायक सुरक्षा आयुक्त ग्वालियर अरुण सिंह को सौंपी गई है।