संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी-सिलावन। ब्लॉक महरौनी के ग्राम पडवां में सर्वसमाज के लोगों ने पंचायत करके शराबबंदी की। इसमें फैसला लिया गया कि गांव में शराब, गांजा या नशीली वस्तु की बिक्री करने पर 51 हजार रुपये और पांच साल के लिए समाज से बहिष्कृत किया जाएगा। वहीं, शराब पीकर उत्पात मचाने वाले पर 5100 रुपये का जुर्माना और संरक्षण देने वाले को 11 हजार का जुर्माना लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के बढ़ते चलन को लेकर गांव-गांव में पंचायत करके ग्रामीण शराबबंदी करते हुए गांव को नशामुक्त करने की मांग कर रहे हैं। इसमें पंचायत व गांव के लोगों ने शराबियों को समझाया और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया। पंचायत ने गांव को नशामुक्त करने के लिए प्रस्ताव पारित किए। यहां फैसला लिया गया कि कोई ग्रामीण गांव में अवैध तरीके से शराब, गांजा जैसी नशीली वस्तुओं को बेचते हुए पाया जाता है तो उससे 51 हजार का अर्थदंड वसूला जाएगा और पांच साल के लिए सर्वसमाज से बहिस्कृत कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति नशे में धुत होकर गांव के सार्वजनिक स्थलों, चौराहो, स्कूलों के आसपास उत्पात करता पाया जाता है तो उस पर 5100 रुपये का अर्थदंड लगेगा। ऐसे व्यक्ति का समर्थन व संरक्षण देने वाले व्यक्ति पर भी 11000 रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह भी प्रस्ताव पास हुआ कि कोई व्यक्ति आगामी पंचायत निर्वाचन या अन्य चुनाव के माहौल में शराब का वितरण कराता है तो उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।
पंचायत में प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए गांव के लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इस पंचायत में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार, पूर्व प्रधान तेजसिंह, पूर्व प्रधान रतिराम कुशवाहा, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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अर्थदंड की धनराशि को स्कूलों के विकास कार्यों में किया जाएगा खर्च
पंचायत में यह निर्णय भी लिया गया कि अर्थदंड की धनराशि को गांव के स्कूलों में विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। इसके साथ शराबखोरी पर नजर रखने व अर्थदंड की धनराशि वसूलने के लिए स्वयंसेवक के तौर पर गांव के लोग शामिल रहेंगे। साथ ही करीब 50 लोगों की कमेटी बनाई गई है।