झांसी। अमर उजाला के तत्वावधान में वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पालीटेक्निक कालेज में लगाई गई ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्राओं को अधिकार व दायित्वों का बोध कराया गया। पुलिस से कैसे मदद ली जा सकती है, इस संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने छात्राओं से सवाल पूछे।
छात्राओं ने भी अपने मन में घुमड़ रहे सवालों को मंच पर उठाया, जिनका एसएसपी ने जवाब दिया।
इस मौके पर एसएसपी ने छात्राओं को बताया कि जिंदगी में अधिकार व दायित्व समानांतर चलते हैं। हम अधिकारों की तो बात करते हैं लेकिन दायित्वों को भूल जाते हैं, जिसकी वजह से विषम परिस्थितियां, विवाद व गैर कानूनी हालात पैदा होते हैं। दायित्वों को निष्ठा से पूरा करेंगे तो अधिकार स्वत: मिलेंगे।
उन्होंने छात्राओं से सवाल किया कि कौन- कौन वाहन चलाती हैं। करीब दो दर्जन छात्राओं ने हाथ उठाए, मगर जब ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछा गया तो सिर्फ दो-तीन छात्राएं ही हाथ उठा सकीं। यह देख कर एसएसपी ने कहा कि बिना डीएल वाहन चलाना कानूनन अपराध है, छात्राएं लाइसेंस बनवाएं। उन्होंने डीएल न होने पर आने वाली परेशानियों के बारे में भी समझाया।
उन्होंने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया। एसएसपी ने कहा कि महिला हेल्प लाइन 1090 पर आने वाली शिकायतें पूरी तरह से गुप्त होती हैं। यदि कोई फैक काल्स, एसएमएस अथवा छेड़छाड़ करता है, तो बेझिझक होकर शिकायत करें। पुलिस प्रभावी कार्रवाई करती है। इसके अलावा कंट्रोल रूम के 100 नंबर से मिलने वाली मदद के बारे में भी बताया।
कॉलेज के प्रधानाचार्य एसके गुप्ता ने कहा कि जहां पर अनुशासन नहीं होता वहां पर विकास नहीं हो सकता। पुलिस विभाग अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहता है, जिसकी वजह से आलोचना का शिकार होता है। इससे पहले कालेज के प्रवेश द्वार पर छात्राओं ने एसएसपी का तिलक लगाकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप जलाकर पाठशाला की शुरुआत की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस मौके पर कपिल गोस्वामी, आरके खरे, अरुण कुमार, जगदीश तिवारी, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन शिक्षक पन्ना लाल ने किया।
छात्राओं के सवाल, एसएसपी के जवाब
- अलका वैश्य, अभिना परवेज व रीना वर्मा ने हेल्प लाइन के बारे में पूछा।
जवाब - महिला हेल्प लाइन नंबर 1090, 100 व जिला स्तरीय हेल्प लाइन 9454403666 है। पीड़िता के बारे में सूचनाएं गोपनीय रखी जाती हैं। पुलिस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करती है।
- यशवी त्रिपाठी ने पूछा कि यदि फर्जी काल व एसएमएस करने वाले का नाम व पता नहीं हो तो क्या करें।
जवाब - पुलिस के पास हाईटेक व्यवस्था है। सिर्फ मोबाइल नंबर से सब कुछ पता कर लिया जाता है।
- अनामिका ने पूछा कि यदि कोई सड़क पर कमेंट्स करता है, तो कैसे शिकायत करें।
जवाब - उक्त नंबरों पर सूचना देने पर पुलिस को स्थान बताया जाता है, बाकी का काम पुलिस करती है।
- रश्मि तिवारी ने पूछा कि पॉलिटीशियन अथवा सेलेब्रिटीज को पुलिस जल्द क्यों छोड़ देती है।
जवाब- पुलिस अपना पूरा काम करती है। कोर्ट के आदेश का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है।
- वर्षा शुक्ला, तनिसा, कुसुम सैनी व सुष्मिता गुप्ता ने पूछा कि पुलिस शिकायतों पर मुकदमा क्यों नहीं करती है।
जवाब- पुलिस को पीड़ित की तुरंत शिकायत पर मामला दर्ज करना चाहिए।