झांसी। वर्षों बाद एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में स्काउट-गाइड के क्रियाकलाप बच्चों की शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा बनेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने 85 से ऊपर पंजीकृत विद्यार्थियों वाले जूनियर हाईस्कूल (उच्च प्राथमिक) को धनराशि जारी कर दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से परिषदीय स्कूलों में प्रोत्साहन एवं धन अभाव के चलते स्काउट-गाइड की गतिविधियां निष्क्रिय थीं। ऐेसे में विद्यार्थियों को सामाजिक व्यवहार एवं आपात स्थिति में कैसे निपटें आदि बिंदुओं पर सीखने व समझने के लिए कोई अवसर प्राप्त नहीं हो पाता था, जिसके चलते यह मुद्दा कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठा।
हाल ही में बेसिक शिक्षा निदेशक ने स्काउट-गाइड की गतिविधियों के पुन: संचालन के लिए 16 सदस्यीय दल के पंजीकरण कराने के लिए पहली किस्त में लगभग 60,800 रुपये निर्गत किए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार जिस जूनियर हाईस्कूल में 85 से ऊपर पंजीकृत विद्यार्थियों क ी संख्या है,
वहां स्काउट गाइड दल के पंजीकरण के लिए प्रति विद्यालय 400 रुपये धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी गई है। जिले में 152 जूनियर हाईस्कूल चयनित किए गए हैं, जहां पंजीकरण के लिए धनराशि आवंटित की गई है। वहीं निदेशालय द्वारा दूसरी किस्त जारी होने पर अन्य विद्यालयों का भी चयन किया जाएगा।
कस्तूरबा विद्यालयों में भी लगेंगे स्काउट गाइड के शिविर
माह फरवरी से जनपद के समस्त कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में तीन-तीन दिवसीय स्काउट गाइड के शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में विद्यालयों की समस्त छात्राएं प्रतिभाग करेंगी और विशेषज्ञों से स्काउट गाइड के नियम, प्राथमिक चिकित्सा, सेल्फ डिफेंस आदि के गुर सीखेंगी।
खंड शिक्षा अधिकारियों को नहीं है जानकारी
एक ओर जहां जनपद के परिषदीय स्कूलों में स्काउट-गाइड की गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए धनराशि निर्गत कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर खंड शिक्षा अधिकारियों ने इस संदर्भ में कोई जानकारी न होना भी बताया।
ड्रेस, रिबन, रस्सी के लिए करना पडे़गा इंतजार
स्काउट गाइड दल के पंजीकरण के लिए धनराशि तो आवंटित हो गई, लेकिन विद्यार्थियों को ड्रेस, रिबन, रस्सी, लट्ठ, बॉगल, टैंट आदि जैसी आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए शासन से पैसे का इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि स्काउट गाइड दल के पंजीकरण के लिए निदेशालय ने पहली किस्त जारी की है।
दूसरी किस्त मार्च में जारी होने की संभावना है, ऐसे में सामग्री क ी खरीद के लिए विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ सकता है।