झांसी। कच्ची शराब के अवैध कारोबारियों को पनाह देने व उनकी मुखबिरी करने वाले चार थानेदार अधिकारियों के रडार पर आ गए हैं। ऐसे थानेदारों की गोपनीय जांच के बाद उनकी परतें खुलने के बाद अधिकारियों ने भी कार्रवाई का मन बना लिया है। ऐसे थानेदारों पर कार्रवाई की तलवार भी लटकने लगी है।
जिले में कच्ची शराब का अवैध कारोबार बड़ा रूप ले चुका है। अधिकारियों के कई निर्देशों के बाद भी अवैध कारोबार बंद नहीं हो सका था। जिले में तीन दिन से कच्ची शराब की कार्रवाई को लेकर पुलिस का अभियान जारी है। पुलिस अधिकारियों ने फोर्स के साथ दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की। मौके पर बाकायदा भट्ठियां भी मिलीं। इससे साफ है कि अवैध कारोबारी बिना खौफ के अवैध शराब बना रहे थे और पुलिस को भनक तक नहीं थी। साफ है कि पुलिस की मुखबिर की दम पर यह अवैध कारोबार पनप रहा है। इसमें थाने के कुछ पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आने लगे हैं। जो थानेदार के कहने पर अवैध कारोबार में बराबर मुखबिरी करते आ रहे हैं।
कुछ थानेदार ही इस अवैध कारोबार को कराने में शामिल हैं। एसएसपी दिनेशकुमार पी ने चार्ज संभालते ही सभी की गोपनीय जांच भी करानी शुरू कर दी थी। अब तक ऐसे चार थानेदारों की भूमिका सामने आई है, जो अवैध कारोबार में बराबर के भागीदार हैं। एसएसपी ने ऐसे थानेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
ऐसे कुछ थानेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच की जा रही है। यदि भूमिका संलिप्त पाई जाती है तो कार्रवाई जरुर होगी।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी
झांसी। कच्ची शराब के अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। अब कार्रवाई के दौरान पकड़े जाने वाले अवैध कारोबारियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। पिछली कार्रवाई के मामले में थानेदारों को सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कच्ची शराब के अवैध कारोबारियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होगी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने एक से ज्यादा कारोबारी के पकड़े जाने पर थानेदारों को पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस का मानना है कि गैंगस्टर की कार्रवाई होने से अवैध कारोबारी लंबे समय तक जेल में रहेंगे। आसानी से जमानत न होने के चलते परेशानियों का भी सामना करना पड़ेगा। एसएसपी ने पिछले दो सालों में अवैध शराब कारोबारियों पर की कार्रवाई को तलब किया है। पिछली कार्रवाई की सूची बनाने के भी निर्देश थानेदारों को दिए हैं।