झांसी। पराली की आग बुझाने में इन दिनों प्रशासन खूब पसीना बहा रहा है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी साथ प्रशासनिक अमला खेतों में डेरा डाले हुए है। पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी धड़ाधड़ जारी है।
कृषि अवशेष (पराली) जलाने के मामले में झांसी मंडल प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इस पर नकेल कसने के लिए पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। तीन सौ से अधिक किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सबसे अधिक मामले में मोंठ ब्लॉक में सामने आ रहे हैं। इसके बाद नंबर चिरगांव ब्लाक का आता है। इसकी रोकथाम के लिए प्रशासनिक टीम ने ग्रामीण इलाकों में डेरा जमा लिया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान की अगुवाई में पिछले दो दिनों से टीम मोंठ व चिरगांव क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। खेतों से कृषि अवशेष उठाकर गोशालाओं में पहुंचाए जा रहे हैं। इसके अलावा खेत में पराली जलती पाए जाने पर फायर टेंडर के जरिये आग बुझाने का काम भी जारी है। एडीएम ने बताया कि पराली न जले, इसके लिए प्रशासन पूरा जोर लगाए हुए हैं।