झांसी। कोरोना वायरस की चपेट में आए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विदेश से लौटे हैं। ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने पर ये बात सामने आई है। ऐसे में ओमिक्रॉन को लेकर दहशत बढ़ गई है। वहीं, कोरोना के स्ट्रेन का पता लगाने के लिए डॉक्टर समेत तीन मरीजों के सैंपल लखनऊ भेजे जाएंगे।
झांसी में अब तक 10 कोरोना के मामले मिल चुके हैं। इसमें से मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक पहले ऐसे मरीज हैं, जिनकी रिपोर्ट आरटीपीसीआर से पॉजिटिव आई। इसके अलावा बरेली से लौटे डॉक्टर की पत्नी और हमीरपुर के राठ की रहने वाली डेढ़ साल की बच्ची की भी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विदेश से लौटे हैं। ऐसे में ओमिक्रॉन को लेकर दहशत बढ़ गई है, क्योंकि विदेशों में इसके तेजी से मामले सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि आरटीपीसीआर से पॉजिटिव आए तीनों ही मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेज जा रहे हैं।
ड्राई आइस मिलने में आ रही दिक्कत
बताया गया कि जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल ड्राई आइस में भेजे जाते हैं। इसका तापमान माइनस 80 डिग्री तक होता है, जबकि, सामान्य बर्फ का पारा माइनस 2 से 3 डिग्री होता है। मेडिकल से लेकर फूड इंडस्ट्री तक में इसका इस्तेमाल होता है। ड्राई आइस की सप्लाई करने वाले से संपर्क न हो पाने के चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जिला पूर्ति अधिकारी से बात की है। प्राचार्य के मुताबिक डीएसओ ने कहा है कि वह सप्ताह में एक दिन सैंपल लखनऊ तक भिजवाएंगे।