झांसी। गरीब दो वक्त की रोटी के लिए जिंदगी से जद्दोजेहद कर रहे हैं। सरकार की ओर से मिलने वाला राशन उनके लिए सपना है। हुक्मरान दावे करते हैं गरीबों तक उनका राशन पहुंच रहा है, लेकिन मंडल में आधार कार्ड सत्यापन के दौरान हुए खुलासे ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि मंडल में साढ़े आठ हजार राशन लाभार्थी दो जिलों से राशन ले रहे हैं। ऐसे लाभार्थियों का नाम हटाते हुए राशन बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
झांसी मंडल में 34 लाख लाभार्थियों को हर महीने राशन दिया जाता है। कुछ महीने पहले सरकार ने सभी राशन कार्ड लाभार्थियों की आधार फीडिंग कराई थी। जिसमें मंडल भर में 90 फीसद से अधिक राशन कार्ड लाभार्थियों के आधार को यूनिट से लिंक किया जा चुका है। मौजूदा समय में चल रही आधार सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बड़ा खेल पकड़ में आया है। मंडल में 8888 राशन लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं, जो दो जिलों से राशन ले रहे हैं। इसमें झांसी में सबसे ज्यादा 4590, जालौन मेें 3576 और ललितपुर में 722 लाभार्थी शामिल हैं। मामले में शासन ने संज्ञान लेते हुए सभी उपायुक्त खाद्य और जिला पूर्ति अधिकारियों को 15 जनवरी तक ऐसे लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने के लिए कहा गया है। आयुक्त खाद्य एवं रसद ने सभी अधिकारियों को ऐसे लाभार्थियों का नाम हटाकर राशन बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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बेटी और बहू के नाम सबसे ज्यादा
दो जिलों से राशन लेने वालों की सूची में सबसे ज्यादा लाभार्थी महिलाएं हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं ऐसी हैं, जिनका नाम ससुराल में भी चल रहा है और मायके में भी चल रहा है। साथ ही दोनों जगहों से राशन लिया जा रहा है। इनका राशन अगले महीने से बंद कर दिया जाएगा।
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जिले वार हाल
जिला आधार फीड आधार फीड नहीं
जालौन 2311 1265
झांसी 2467 2123
ललितपुर 607 115
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इन जिलों में सबसे ज्यादा डुप्लीकेसी
औरैया, कानपुर, कानपुर देहात, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, इलाहाबाद, मेरठ, मुरादाबाद
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जिले में आधार सत्यापन में पाए गए डुप्लीकेट लाभार्थियों की सूची पूर्ति निरीक्षकों को सौंप दी गई है। लाभार्थियों से संपर्क कर उनका नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
तीर्थराज यादव, डीएसओ झांसी