संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मंडल के सभी 160 लोकोमोटिव (इंजन) को स्वदेशी प्रणाली कवच से लैस किया जाएगा। शनिवार से विद्युत लोको शेड में डीआरएम दीपक सिन्हा ने इसकी शुरुआत की।
विद्युत लोको शेड में भारतीय रेलवे की तरफ से विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच का शुभारंभ कर दिया गया है। लोको नंबर 41978 को कवच सिस्टम से लैस किया गया। इसके साथ ही विद्युत लोको शेड में ही 600 मीटर के टेस्ट ट्रैक और टेस्टिंग रूम का अनावरण भी मंडल रेल प्रबंधक ने किया।
कवच प्रणाली भारतीय रेलवे की ओर से विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकना है। खासकर जब लोको पायलट गलती करते हैं। यदि ट्रेन लाल सिग्नल पार कर जाता है या एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आ रही हैं तो यह प्रणाली स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर ट्रेनों को टकराने से रोकती है। कवच सिस्टम के कई घटक होते हैं, जैसे रेडियो फ्रिक्वेंसी और जीपीएस एंटीना, इंटर फेस रिले यूनिट, ब्रेक इंटर फेस यूनिट, आदि जिनके इनपुट का विश्लेषण करके ऑन बोर्ड कंप्यूटर फेल सेफ निर्णय लेता है जो दुर्घटना के बचाव में सहायक है। मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा ने कहा कि जल्द ही मंडल के सभी लोको में कवच सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।