अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। आचार्य विशद सागर महाराज ने कहा कि दुनिया में भारत की अलग पहचान है। संस्कृति, सभ्यता और संस्कार ही हमारी धरोहर है, हर हाल में हमें इनकी रक्षा करनी चाहिए। वह मंगलवार को सुधासागर कन्या इंटर कॉलेज में बच्चों को संबोधित कर रहे थे।
आचार्य श्री ने कहा कि विद्यार्थी लगन से शिक्षा ग्रहण करें और शिक्षक अपने कर्तव्य का निर्वहन करें, तभी गुरु शिष्य की परंपरा कायम रहेगी।
उन्होंने कहा कि अच्छे विचार और शुद्ध खानपान से ही मन स्वस्थ रहता है। मन की चंचलता और गलत संस्कार जीवन में घातक हो जाता है। उन्होंने कहा, हमेशा वह कार्य करें, जिस पर मां-बाप गर्व महसूस करें। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य विरागसागर महाराज एवं मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के चित्र के अनावरण के साथ हुआ।
प्रतिष्ठाचार्य जय निशांत ने कहा, संतों के माध्यम से बच्चों को जीवन में जो सीख मिलती है, वह निश्चय ही प्रेरणादायी रहती है। बालिकाओं ने गुरुवंदना की।
आचार्यश्री का पादप्रक्षालन चंदप्रभु जैन मंदिर के प्रबंधक वीरचंद सराफ, प्रमोद जैन, संजीव जैन, शिक्षक प्रफुल्ल जैन ने किया। मुनिसंघ को शास्त्र प्रधानाचार्य कल्पना जैन ने भेंट किया। विशाल सागर महाराज ने गुरुभक्ति कराते हुए जीवन को आदर्श बनाने की प्रेरणा दी।
इस दौरान आचार्य श्री के प्रवचनों पर आधारित प्रश्नमंत्र कार्यक्रम हुआ। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रेयांस जैन ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से त्यागी वृति संयोजक अमित सराफ, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, अनिल जैन, प्रभात लागौन, राजेश जैन, सुरेंद्र जैन, वीरेंद्र जैन, संगीता, सुमन जैन, प्रियंका जैन, नीलम जैन आदि मौजूद रहे। ी
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
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