47 वें विजय दिवस पर पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पूर्व सैनिक मेजर केएल शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना के आगे 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों ने समर्पण कर दिया था। इतने सैनिकों का सरेंडर करना इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारत की फौज ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बना दिया था।
सीपरी बाजार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 1992 में पूर्व सैनिकों के लिए संगठन तैयार किया गया था। क्योंकि, हर साल 60 हजार सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई भी प्लेटफार्म नहीं था। इसके बाद 1995- 96 में संगठन का विस्तार हुआ। देश को पांच हिस्साें में बांटकर संगठन का विस्तार किया गया। उप्र मध्य कमान के अंतर्गत आता है, जिसमें छह क्षेत्र ब्रज, मेरठ, अवध, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी शामिल हैं।
उन्होंने पूर्व सैनिकों के लिए काम कर रहे विभिन्न संगठनों के बारे में जानकारी दी और कहा कि सैनिक परिवार कल्याण न्यास, वीर सैनिक ग्राम गौरव योजना के अंतर्गत वीरचक्र, परमवीर चक्र विजेताओं के गांवों में हॉस्पिटल, स्कूल और गांव को जोड़ने वाली सड़क के विकास के लिए काम किए जा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी ने कहा कि पूर्व सैनिकों के सम्मेलन में स्कूल के बच्चों को आमंत्रित करेंगे, ताकि बच्चों में देशभक्ति का जज्बा पैदा हो। पूर्व सैनिक सूबेदार अशोक कुमार, नायक हरीमोहन प्रजापति, शहीद जगदीश सिंह की पत्नी रामकुमारी व तीन युद्ध लड़ने वाले ओपी बख्शी की पत्नी कमला बख्शी को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विंग कमांडर डॉ. सुभाष साहू, डॉ. सुनील दीक्षित, मुलायम सिंह बुंदेला, आशुतोष खरे, दिनेश श्रीवास्तव, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के मेजर केएल शर्मा, सूबेदार मेजर रामकुमार, देवेश खरे, माताप्रसाद मौजूद रहे। संचालन उमेश ने किया।
कुपवाड़ा की बर्फ में गंवा बैठे पैर
मैं 2005-07 तक जम्मू एंड कश्मीर में तैनात था। फरवरी 07 में आब्जरवेशन के दौरान कुपवाड़ा सेक्टर में 40 फिट बर्फ में फंस गया था, जहां मेरे दोनों पैर खराब हो गए। इसमें एक पैर काटना पड़ा था।
- सूबेदार अशोक कुमार
छत से गिरकर टूट गई कमर
मैं ड्यूटी के दौरान दिल्ली में छत से गिर पड़ा था। इसमें स्पाइनल कार्ड खराब हो गई थी। तभी से चल फिर नहीं पा रहा हूं। छह अप्रैल 2012 को सेवानिवृत्त हो गया।
- नायक हरीमोहन प्रजापति