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रेलवे कारखाना ने बनाया ‘इंडिया गेट’ और ‘गेटवे ऑफ इंडिया’

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रेलवे कारखाना में निर्माणाधीन गेटवे ऑफ इंडिया व उसे बनाने वाले कर्मचारी। - फोटो : REPORTERS
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झांसी। रेलवे वैगन मरम्मत कारखाना 25 नवंबर को अपना 125 वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इसको लेकर कारखाने के अधिकारी और कर्मचारी उत्साहित है। लॉकडाउन के दौरान कारखाने में बिना लागत के अपने ही पुराने स्क्रैप (खराब लोहे) का उपयोग कर कर्मचारियों ने कई अनोखे कार्य किए। कुछ काम चल रहे हैं। कर्मचारियों ने स्क्रैप से 22 फीट ऊंचा खूबसूरत इंडिया गेट बनाया है। जबकि, 24 फीट ऊंचे गेटवे ऑफ इंडिया का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इनको अलग- अलग जगह रखा है, जहां के आसपास क्षेत्र को हेरिटेज गार्डन का रूप दिया जा रहा है।
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रेलवे वैगन मरम्मत कारखाना में ए, बी, सी, डी चार शेड बने हैं, जिनमें स्थित अलग- अलग शॉपों में कर्मचारी काम करते हैं। शेड के पीछे खाली जमीन पर सालों से बेकार स्क्रैप पड़ा था। इससे कई एकड़ जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा था। मुख्य कारखाना प्रबंधक आरडी मौर्या और डिप्टी सीएमई (रिपेयर) गौरव यादव ने इस स्क्रैप का हटवाकर यहां मैदान करवा दिया। अब यहां पर हेरिटेज गार्डन तैयार किया जा रहा है, दूसरा गार्डन वीआईपी गेट के पास तैयार हो रहा है। इनमें एक गार्डन में अन्य धरोहर के साथ ‘इंडिया गेट’ और दूसरे गार्डन में ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ को रखा जाएगा। इन दोनों धरोहरों को वैगन के नीचे सस्पेंशन में लगने वाले ईएम पैड से तैयार किया गया है। इंडिया गेट में दस टन और गेटवे ऑफ इंडिया में 18 टन लोहा लगा है।
- कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए ये कार्य किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने मेहनत कर ‘इंडिया गेट’ और ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ को स्क्रैप से तैयार किया है, जिनको जिन स्थानों पर रखा है, उनके आसपास के क्षेत्र के हेरीटेज गार्डन का रूप दिया जा रहा है। कर्मचारी अपने परिवार को भी ये सब उपलब्धियां दिखा सकेंगे। इसके लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। आरडी मौर्या, मुख्य कारखाना प्रबंधक।
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लॉकडाउन ये भी किए गए कार्य
- नए प्रकार के बाक्स एनएस का मॉडल बनाया।
- अमर जवान ज्योति, जो विद्युत से जलेगी।
- लकड़ी की गुमटी व कॉटेज बनाए गए।
- नाले के ऊपर फुट ओवरब्रिज।
- चार स्थानों पर तालाब बनाए गए।
- स्क्रैप से बेहद खूबसूरत गमले बनाए।
- मछलियों के कुंड बनाया।
- बालीवाल व अन्य व्यायाम के लिए मैदान बनाया।
- बेकार हो गए नेरोगेज लाइन के डिब्बों का रंगरोगन किया गया।
- सौ साल पुराने इंजन व वैगनों प्रदर्शनी के लिए रखा गया।
- एक्सप्रेशर और हर्बल गार्डन का निर्माण।
इन कर्मचारियों का रहा योगदान
स्क्रैप से इंडिया गेट और गेटवे ऑफ इंडिया का निर्माण अवर अभियंता अशोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। इसमें मूर्तिकार ललित चौधरी, मोहम्मद यूनुस, मुकेश, सुदामा राय, संतोष कुमार, बलराम, गोपाल रायकवार, एनके जैन, सीपी जैन, नवल किशोर शर्मा, रामनगीना यादव, रामनिवास का सहयोग रहा। इन कर्मचारियों के कार्यों की सभी सराहना कर रहे हैं।
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