तापमान बढ़ने के साथ ही महानगर ऊंचाई वाले इलाकों में पानी का स्तर नीचे गिरने लगा है। इन इलाकों में हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है। हालातों को देखते हुए जल संस्थान ने 1200 सौ हैंडपंपों को मरम्मत के लिए चिह्नित कर किया है, जिन्हें जल्द ही सुधारा जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में तेरह जोनल पंपिंग स्टेशन, पंद्रह नलकूप एवं चौदह ओपेन वैल से जलापूर्ति की जाती है। वहीं, 2,812 हैंडपंप भी हैं। इनमें से सवा दो सौ से अधिक हैंडपंप ऐसे पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां का जलस्तर गिरता जा रहा है। जल संस्थान को मिल रही शिकायतों पर पाया गया है कि करगुवां, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, मयूर विहार कालोनी, सरांय, सिलवर्टगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कालोनी, सत्यम कालोनी, भगवंत पुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवाती पुरा, पाल कालोनी, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मेला की टौरिया, मसीहा गंज, लहरगिर्द क्षेत्र, रक्सा, करारी, सिविल लाइन, मिशन कंपाउंड में जल स्तर गिरना शुरू हो गया है।
विभाग ने 175 हैंडपंपों में जीआई पाइप डालने की कार्य योजना तैयार की है, ताकि यह हैंडपंप गर्मियों में बराबर पानी देते रहें। इसके अलावा पचास हैंडपंप का रिबोर कराया जाएगा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रघुवेंद्र कुमार ने बताया कि माह के पहले सप्ताह से पाइप डालने का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
इंसेट
पूरी तरह ठप हैं ये हैंडपंप
महानगर मेें कई इलाकों के हैंडपंपों ने पानी देना पूरी तरह बंद कर दिया है। इनमें से गुमनावारा, करगुवा, पिछोर में लगभग सभी, राई का ताजिया चार खंभे के पीछे कोरी के मंदिर के आस पास तीन हैंडपंप, आवास विकास मैन रोड महावीर टावर के पास, ताज कंपाउंड में हड्डी घर के पास, पेंच मुहल्ला, सिविल लाइन झांब वाली गली में लगे हैंडपंपों ने पानी देना पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे आस पास के लोगाें को खासी परेशानी उठानी पड़ी रही है।