प्रदूषण नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल से बीएस थ्री इंजन के वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी है। कोर्ट का आदेश आने के बाद वाहन कंपनियों की ओर से बीएस थ्री इंजन की गाड़ियों पर विशेष छूट का एलान कर दिया गया। शहर में इसका खासा असर देखने को मिला। दो दिन में एक हजार वाहनों की बिक्री हुई। एजेंसियों के बाहर दिन भर ग्राहकों की भीड़ जमा रही।
नोटबंदी के बाद जिस तरह से बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें नजर आती थीं, वैसा ही नजारा शुक्रवार को गाड़ियों की शोरूमों पर देखने को मिला। बीएस थ्री वाहनों पर पांच से साढ़े बारह हजार रुपये तक की छूट के चलते लोग सुबह से ही एजेंसियों पर पहुंच गए। स्थिति यह रही दोपहर आते-आते ज्यादातर शोरूमों में रखे बीएस थ्री वाहन साफ हो गए। लेकिन, इसके बाद भी ग्राहकों की भीड़ कम न हुई। इस दौरान अफवाहें भी खूब दौड़ी। कोई आधी कीमत में गाड़ी मिलने की बात कहता नजर आया, तो कोई किस्तों में गाड़ी मिलने की चर्चा करता नजर आया। भीड़ का दबाव और गाड़ियां न होने की वजह से कई शोरूमों के शटर दिन में ही गिरा दिए गए।
नटराज ऑटोमोबाइल्स के संचालक संजय खन्ना ने बताया कि उनके यहां से दो दिन में दो सौ गाड़ियों की बिक्री हुई है। बीएस थ्री इंजन की गाड़ियों का 99 फीसदी स्टॉक साफ हो गया है। वहीं, जेएमके ऑटोमोबाइल्स के संचालक राकेश बघेल ने बताया कि उनके पास बीएस थ्री इंजन के 65 दुपहिया वाहन थे। सभी बिक गए हैं। ग्राहकों को पांच से साढ़े बारह हजार रुपये तक की छूट का ऑफर दिया गया था।
रात 12 बजे तक होते रहे रजिस्ट्रेशन
संभागीय परिवहन कार्यालय और वाहन एजेंसियों में शुक्रवार की रात बारह बजे तक नई बिकीं गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस का काम चलता रहा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आर के सिंह ने बताया कि दो दिन में विभाग को नये वाहनों के पंजीकरण से लगभग पचास लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ है। एक अप्रैल से बीएस थ्री वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।