अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। परीक्षा के दौरान पढ़ाई के घंटे स्वत: ही बढ़ जाते हैं और यह जरूरी भी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आराम के लिए भी समय न निकाला जा सके। आराम जरूर करें और नींद पूरी लें, ऐसा न करने से मेहनत पर पानी फिर सकता है। साल भर जो आपने पढ़ा है, उसका निचोड़ आपको परीक्षा के दो-तीन घंटों के दौरान देना होता है। यदि इन घंटों में मानसिक स्थिति ठीक नहीं रही या फिर आलस आ गया तो सारा पढ़ा हुआ बेकार जा सकता है। अमर उजाला की पहल पर यह सुझाव रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शशिकांत त्रिपाठी ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों को दिए।
सीनियर डीसीएम शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि वह भी हाईस्कूल की परीक्षा देने से ठीक पहले बेहद परेशान थे और लगातार कई-कई घंटे पढ़ते रहते थे। तब उनके पिता ने उन्हें समझाया था कि अब यह समय नया पढ़ने का नहीं है, बल्कि साल भर जो पढ़ा है, उसका रिवीजन करने का है। पाठ्यक्रम के मुख्य प्वाइंट्स तैयार कर उन्हें पढ़ें। साथ ही पिता परीक्षा से पहले देर रात तक जागने नहीं देते थे। रात में पूरी नींद लेने से सुबह माइंड एकदम फ्रेश रहता था, जो परीक्षा के लिए बेहद जरूरी था। सीनियर डीसीएम ने बताया कि इसके बाद यह फार्मूला उन्होंने आगे की सभी परीक्षाओं में अपनाया और लगातार सफलता मिलती गई। उन्होंने कहा कि यदि आपका मस्तिष्क स्वस्थ होगा तो आप उसका ज्यादा इस्तेमाल कर सकेंगे और परीक्षा में अच्छी सफलता हासिल करने के लिए दिमाग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना जरूरी होता है।
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स्क्रीन से दूरी बनाएं, आंखों को दें आराम
पुलिस अस्पताल के अधीक्षक डा. सूर्यकांत गुप्ता ने बताया कि परीक्षा के दरम्यान आंखों को आराम देना बेहद जरूरी है। यह तभी संभव होगा तब आप न्यूनतम छह घंटे की नींद लेंगे। इसके अलावा मोबाइल, टीवी, लैपटॉप की स्क्रीन से भी दूरी बनानी होगी। इससे परीक्षा के दौरान आंखों में थकावट नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करें, भारी भोजन कम लें। साथ ही अपनी दैनिक क्रिया प्रभावित न होने दें। स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी सी भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा ले लें, बीमार होने से बचें।