आयकर रिटर्न भरने को लेकर शहरवासी जागरूक हो रहे हैं। इस साल झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में रिटर्न भरने वालों में 15200 करदाताओं का इजाफा हुआ है। परिक्षेत्र में अब यह संख्या बढ़कर 1,13,997 पहुंच गई है। साथ ही, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने परिक्षेत्र को इस वित्तीय साल में 23 हजार नए करदाता बनाने का लक्ष्य दिया है।
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद-फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान समय में हर एक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। हर खरीद-बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष, महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट दे रखी है। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फाइलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
आयकर विभाग द्वारा लगातार बढ़ती जा रही सख्ती से धनाड्य हों, चाहे नौकरीपेशा सभी ने आमदनी के हिसाब से रिटर्न भरना शुरू कर दिया है। इसी का परिणाम है कि झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में इस वित्तीय साल 2017-18 में 15200 करदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसमें ललितपुर से तीन हजार करदाता बढ़े हैं। इसमें तीन हजार से अधिक ऐसे करदाताओं में बढ़ोत्तरी हुई है, जिन्होंने साल का मुनाफा दस लाख से अधिक दिखाकर टैक्स जमा किया है।
रिटर्न दाखिल करने के लाभ
- कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है
- रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पैन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते हैं।
चार लाख में साठ हजार भरते हैं रिटर्न
झांसी जनपद में चार लाख लोग पैन कार्ड इश्यू कराए हैं, जबकि इनमें 90 हजार ही रिटर्न दाखिल करते हैं। वैसे पैन कार्ड धारकों को आयकर रिटर्न दाखिल करना चाहिए।
टैक्स छूट का नियम
- पुरुष व महिलाओं को तीन लाख रुपये तक
- वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये तक
- 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक
- पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फाइलिंग जरूरी
- पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
पिछले कुछ सालों के बदलाव
- काला धन निकालने के लिए अघोषित आय की घोषणा
- दो साल तक पुराना रिटर्न भरने की सुविधा खत्म
- पैन के साथ आधार कार्ड नंबर जरूरी
- रिटर्न में सभी बैंक खातों की देनी है जानकारी
- आईटीआर टू ए नया फार्म जारी