वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौर में आयकर विभाग ने करदाताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए टैक्सपेयर सपोर्ट यूनिट (करदाता सहयोग इकाई) का गठन किया है। इस इकाई के द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करके व्यापार, वाणिज्य एवं औद्योगिक गतिविधियों को सहयोग करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष तौर पर आवश्यक वस्तुओं के लिए।
प्रधान आयकर आयुक्त (द्वितीय) आगरा जयंत मिश्र ने करदाताओं को लॉकडाउन के दौरान होने वाली आयकर संबंधी समस्याओं का निदान करने के लिए झांसी, ललितपुर, आगरा, फिरोजाबाद व इटावा जनपद के करदाताओं के सहयोग के लिए टैक्सपेयर सपोर्ट यूनिट का गठन किया है। उन्होंने करदाताओं से आग्रह किया है कि वे इस विपत्ति के समय में अपनी आर्थिक क्षमताओं के अनुसार आयकर का भुगतान करके राष्ट्रहित में अपना सहयोग दें। निर्धारित विवाद से विश्वास योजना 2020 का लाभ लेते हुए योजना के अनुसार घटी हुई राशि का भुगतान करके लंबे समय से चले आ रहे विवादों का निपटान कर सकते हैं।
करदाता सहयोग अभियान के तहत जिन करदाता सहयोग इकाइयों का गठन किया गया है उनके ईमेल पर करदाता या उनके प्रतिनिधि अपनी समस्याएं, शिकायतें व सुझाव सूचना भेज सकते हैं। साथ ही इस ईमेल पर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण, परिवहन, वितरण या उनके लिए संसाधन जुटाने में करदाताओं द्वारा सामना की जाने वाली किसी भी कठिनाई का उल्लेख किया जा सकता है, जिस पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कठिनाइयों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही करदाताओं द्वारा लॉकडाउन अवधि में राष्ट्रहित में किए जाने वाले आयकर भुगतान का विवरण भी इन ईमेल पर दिया जा सकता है।
इस अभियान के अंतर्गत करदाता सहयोग इकाईयां स्थापित की गई हैं। इसके लिए झांसी नोडल अधिकारी सुनील कुमार द्विवेदी (ईमेल- टीएसयूझांसी एटदारेट ऑफ जीमेल डॉटकॉम) व ललितपुर में जितेंद्र सिंह (ईमेल- टीएसयूललितपुर एटदारेट ऑफ जीमेल डॉटकॉम)को बनाया गया है। यदि नोडल अधिकारी को समस्या को हल करने में कठिनाई होती है तो मामले को आयकर अधिकारी (मुख्यालय) व समन्वय अधिकारी तरुण सिंह सैनी (ईमेल- टीएसयूआगराएचक्यू एटदारेटऑफ जीमेल डॉटकॉम) को ईमेल के जरिये संज्ञान में ला सकता है। वो यदि समस्या को नहीं हल कर पाए तो प्रधान आयकर आयुक्त (द्वितीय) आगरा के संज्ञान में लाएंगे जो स्वयं समस्या को हल करने का प्रयास करेंगे।
ईमेल में यह देना होगा विवरण
करदाता सहयोग इकाई में पता, स्थायी खाता संख्या, जीएसटीआईएन, कर निर्धारण अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर व ईमेल लिखकर भेजना है। आखिर में समस्या, शिकायत या सुझाव लिखकर भेजना है।