अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महिलाओं की अपेक्षा प्रोत्साहन राशि अधिक होने के बाद भी पुरुष नसबंदी में पीछे हैं। एक अप्रैल से 30 नवंबर तक मेडिकल कॉलेज में हुई नसबंदी में महिलाओं की भागीदारी शत-प्रतिशत और अन्य सरकारी अस्पतालों में 98.12 फीसदी रही।
परिवार नियोजन काे बढ़ावा देने के लिए 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक पुरुष नसंबदी पखवाड़ा मनाया गया। सात दिन में केवल तीन पुरुषों ने ही नसबंदी कराई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नसबंदी कराने पर महिला को दो हजार और पुरुष का तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है।
महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए चीरा लगवाना पड़ता है और 8-10 दिन का आराम बताया जाता है। जबकि पुरुषों को नसबंदी कराने में कोई दिक्कत नहीं होती और तुरंत कामकाज कर सकते हैं। फिर भी परिवार नियोजन में अधिक महिलाएं आगे आ रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 97.59 फीसदी महिलाओं और 2.41 फीसदी पुरुषों ने नसबंदी कराई।
वहीं एक अप्रैल से 30 नवंबर तक मेडिकल काॅलेज में 97 महिलाओं ने, अन्य अस्पतालों में 33 पुरुष तथा 1728 महिलाओं ने नसबंदी कराई। गत वर्ष 28 पुरुष तथा 1137 महिलाओं ने नसबंदी कराई।
वर्जन
परिवार नियोजन में महिलाओं का सबसे ज्यादा योगदान रहता है। अभी तक 1728 महिलाओं व 33 पुुरुषों ने ही नसबंदी कराई है। पुरुषों को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ