अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को निधन हो गया। इससे झांसी के भी कई परिवारों में मायूसी छाई हुई है। ये वे लोग हैं, जिनका धर्मेंद्र के परिवार से सीधा जुड़ाव रहा। इसकी कड़ी धर्मेंद्र की मां सतवंत कौर रहीं, जिनका बचपन झांसी में ही बीता। मां से मिली रिश्ते निभाने की परंपरा को धर्मेंद्र ने भी हमेशा सहेजा। धर्मेंद्र का झांसी तो आना नहीं हुआ, लेकिन यहां से जो लोग मुंबई पहुंचे, उनका धर्मेंद्र ने हमेशा तहेदिल से स्वागत किया।
धर्मेंद्र की मां सतवंत कौर के पिता झांसी में रेलवे में नौकरी करते थे। वे यहां सीपरी बाजार के चमनगंज मोहल्ले में रहते थे। यहां भगवती देवी भी अपने परिवार के साथ रहती थीं। धर्मेंद्र की मां और भगवती देवी के बीच गहरी दोस्ती थी। हालांकि, पिता के रिटायरमेंट के बाद धर्मेंद्र की मां को अपने परिवार के साथ पंजाब जाना पड़ गया, लेकिन वे बचपन की सहेली को कभी नहीं भूलीं।
भगवती देवी के पोते आईटीआई के पास रहने वाले दीपक शर्मा बताते हैं कि धर्मेंद्र के अभिनेता बनने के बाद एक बार उनकी मां झांसी आईं थीं। उस समय उनकी दादी अपने परिवार के साथ जालौन के एट में रहती थीं। धर्मेंद्र की मां अपनी बचपन की सहेली से मिलने अचानक एट पहुंच गईं थीं।
दीपक ने बताया कि धर्मेंद्र की मां उनके परिवार को मुंबई आने का निमंत्रण दे गईं थीं। उनके पिता राधेश्याम शर्मा मुंबई गए थे, तो वे धर्मेंद्र के घर में ही रहे थे। इसके बाद उनका कई बार वहां जाना हुआ। धर्मेंद्र की सिफारिश पर झांसी के कई लोगों की मुंबई में नौकरी भी लगी थी।
दीपक बताते हैं कि धर्मेंद्र के भाई अजीत तीन-चार बार झांसी आए। यहां आकर वे उन सभी लोगों से मिलते थे, जिनका उनकी मां से जुड़ाव रहा।
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धर्मेंद्र ने कराया था इलाज
दीपक शर्मा ने बताया कि तकरीबन बीस साल पहले उनके बहनोई गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए थे। उनका ऑपरेशन मुंबई में होना था। इसके लिए जब धर्मेंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने बगैर देर किए इलाज का पूरा बंदोबस्त कर दिया था।
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अपनी जमीन से जुड़े रहने की दी थी सीख : बुंदेला
ललितपुर के रहने वाले फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला की यादगार फिल्मों में से एक अर्जुन है, जिसमें उन्होंने सनी देओल के साथ काम किया था। राजा बताते हैं कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उनका धर्मेंद्र के घर जाना-आना बना रहता था। इसी बीच एक दिन धर्मेंद्र से उनकी लंबी बातचीत हुई थी। चर्चा के केंद्र में झांसी ही था। बातचीत के दौरान धर्मेंद्र ने उन्हें हमेशा अपने गांव और जमीन से जुड़े रहने की सीख दी थी। धर्मेंद्र ने कहा था कि वह पंजाब के एक किसान परिवार से हैं। मुंबई में भले ही वह रहते हैं, लेकिन अपने गांव से अब भी सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं।