समथर। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का वायदा किया गया था लेकिन क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गरौठा विधानसभा के दर्जनों इलाके ऐसे हैं जहां आज भी सड़कों की हालत जस की तस है। पिछले चुनाव में बतौर उम्मीदवार विधायक ने गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों को सूरत बदल देने की बात कही थी लेकिन, यह सड़कें आज भी बारिश में कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। यहां के लोग विधायक के वायदे पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।
जनपद का सुदूर इलाका होने के नाते पिछली सरकारों में भी गरौठा इलाका उपेक्षित ही रहा। जनप्रतिनिधियों के ध्यान न देने से इलाके में न पीने का पानी है न फसलों की सिंचाई के लिए। सड़कों की दशा भी खस्ताहाल है। मोंठ एवं समथर इलाके के केलामकला, तालौड, महराजगंज, जौरा, पुलगहना, पहाड़पुरा स्टेट, टोडी, बरथरी, रेव, भौराघाट, बरनाया, काडौर, पनारी, पचोवई, खड़ौवा, छपार, चितगुवां, भुजौंद, महेलुवा, बडैरा, सेना, सौराई, बसोवई, अटरिया समेत तमाम अन्य गांवों को जोड़ने वाले मार्ग में गड्ढे ही गड्डे हैं। इलाके के लोगों का कहना है चुनावों के दौरान इन सड़कों की हालत दुरुस्त कराने का वायदा किया गया था लेकिन, साढ़े चार साल बाद भी इन गड्ढों से निजात नहीं मिली। जिला मुख्यालय को तहसील से जोड़ने वाला समथर-मोठ सड़क मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण का काम भी पूरा नहीं हुआ। पिछले साल सितंबर में यह काम आरंभ हुआ था। काम की रफ्तार धीमी होने से यह अभी तक अधूरा है। समथर- पीपरी कला मार्ग भी खस्ताहाल है। इस सड़क के भी गड्ढे दूर नहीं हुए। परेशान लोगोें ने विधायक से गुहार लगाई लेकिन, गड्ढे जस के तस हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है मोंठ रोड से सजोखरी गांव तक नहर पटरी को पक्की कराने का वायदा हुआ लेकिन, यह वायदा भी हवा में है। यहां किसान आवारा जानवरों से परेशान हैं। उनका कहना है कि पिछले साढ़े चार साल के दौरान यह परेशानी बढ़ी है। गौशालाएं बनवाने की बात कही लेकिन, फसलें अन्ना जानवरों की वजह से नहीं बच रही हैं।
मोंठ-समथर मार्ग की सबसे अधिक जरूरत है लेकिन, यह काम पूरा ही नहीं हुआ। इस वजह से पूरे इलाके के लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। तहसील एवं जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कों का भी यही हाल है।
मेहराब खान मंसूरी
अन्ना जानवर इलाके की सबसे बड़ी समस्या हैं। खेती को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। विधायक तक शिकायत की गई लेकिन, गोशाला ही नहीं है।
मुकेश बादल
समथर-पीपरी कला सड़क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी। पूरी सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। 15 किलोमीटर का सफर तय करने में दो घंटे लगते हैं। विधायक ने इसे ठीक कराने का वायदा किया था। यहां के गड्ढे खत्म नहीं हुए। आज भी समस्या जस की तस है।
मुन्ना व्यास
बेतवा नहर का बना सजोखरी नहर पुल टूट गया था। इससे आने-जाने में भारी परेशानी होती है। विधायक ने समथर-मोंठ सड़क मार्ग से सजोखरी तक नहर किनारे की पटरी विधायक निधि से पक्की कराने का वायदा किया लेकिन, आज तक यह काम नहीं हुआ। लोगों की परेशानी की किसी को परवाह नहीं।
अरविंद श्रीवास
पिछले साढ़े चार साल में बनवाई सबसे अधिक सड़कें
विधायक जवाहर लाल राजपूत का कहना है कि उनके साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान पिछले पांच दशक के मुकाबले सबसे अधिक सड़कें दुरूस्त कराई गईं। पूर्व के जनप्रतिनिधियों ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। इस वजह से यहां सड़कों की हालत खराब थी। पिछले साढ़े चार साल के दौरान इनको चिन्हित करके इनको सुधरवाने का काम कराया। पीडब्ल्यूडी की मदद से राजमार्ग को दुरूस्त कराया। अभियान चलाकर कई गड्ढे भरे गए। पिछले बीस साल से मोंठ से समथर मार्ग खराब था। इसे दुरूस्त कराया। इसके अलावा मोंठ से भांडेर संपर्क मार्ग, चिरगांव से गुरसराय, गरौठा संपर्क मार्ग, गरौठा से मोती कटरा संपर्क मार्ग, मोंठ से समथर-पंडोखर के बीच सड़क निर्माण, सिकंदरा से समथर, दमोह संपर्क मार्ग जैसे जरूरी कम कराए। सेरसा से लोहागढ़ के बीच सड़क बनवाई। सिमरधा से पुरा के बीच सड़क बनी। बुंदेलखंड विकास निधि भी सड़कों के निर्माण पर खर्च की। विधायक निधि से दो सौ से अधिक गांवों में सीसी सड़क का निर्माण कराया। विधायक निधि से गांव में विद्युतीकरण कराया। अन्ना जानवरों के लिए गोशालाएं बनवाई।